साल 2025 की पहली छमाही यानी जनवरी से जून के बीच देश के आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इनकी कुल वैल्यू में बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि लोगों ने कम घर खरीदे, लेकिन महंगे और प्रीमियम घरों की डिमांड ज्यादा रही। यह जानकारी रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई और डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स की एक संयुक्त रिपोर्ट में सामने आई है।
बिक्री में 5% की गिरावट
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, साल 2025 की पहली छमाही में 2.53 लाख घर बिके, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 2.67 लाख थी। यानी बिक्री में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। ये आंकड़े दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे आठ बड़े शहरों के हैं।
कीमतों में 9% की बढ़त
हालांकि, प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी की वजह से बिक्री का कुल मूल्य 3.59 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 9 प्रतिशत ज्यादा है। 2024 की इसी अवधि में कुल बिक्री मूल्य 3.30 लाख करोड़ रुपये था।
NCR में सबसे ज्यादा कीमत बढ़ी
क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल का कहना है कि अब खरीदार बड़े और बेहतर लोकेशन वाले प्रीमियम घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। NCR में घरों की कीमतों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस ट्रेंड को दर्शाता है।
ग्राहक खरीद रहे हैं महंगे घर
सीआरई मैट्रिक्स के CEO और सह-संस्थापक अभिषेक गुप्ता ने बताया कि अब ग्राहक औसतन 1.42 करोड़ रुपये के घर खरीद रहे हैं, जबकि पहले ये औसत 1.24 करोड़ रुपये था। यानी लोगों की खरीद क्षमता बढ़ी है और वे हाई-एंड प्रॉपर्टी की तरफ झुकाव दिखा रहे हैं।
क्या है ट्रेंड?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अब प्रॉपर्टी बाजार ‘मात्रा से मूल्य’ यानी क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी की ओर बढ़ रहा है। लोग छोटे और सस्ते घरों के बजाय अब ऐसे घरों को तरजीह दे रहे हैं जो लोकेशन, सुविधाओं और स्पेस के मामले में बेहतर हों।
