Fastag New Rules: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी नए नियम 17 फरवरी 2025 से लागू हो गए हैं। ये बदलाव टोल पेमेंट को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए किए गए हैं। यदि आप FASTag का उपयोग करते हैं, तो नए नियमों को जान और समझ लें। इससे आप गैर जरूरी कटौती या जुर्माने से बच पाएंगे।
नए FASTag नियम: 10 जरूरी बातें
1) ट्रांजैक्शन वेरिफिकेशन नियम
टोल ट्रांजैक्शन अब रीडर रीड टाइम, टैग स्टेटस (हॉटलिस्ट/ब्लैकलिस्ट/लो बैलेंस) के आधार पर सत्यापित किए जाएंगे।
2) इनएक्टिव टैग रिजेक्शन
यदि आपका FASTag 60 मिनट से अधिक समय तक सक्रिय नहीं रहा है, तो ट्रांजैक्शन को कोड 176 के साथ अस्वीकार कर दिया जाएगा।3) ब्लैकलिस्टेड टैग पर दोगुना टोल
यदि FASTag ब्लैकलिस्टेड है, तो टोल प्लाजा पर आपको डबल टोल शुल्क देना होगा।
4) 10 मिनट में रिचार्ज करने पर रिफंड
यदि आपका अकाउंट 10 मिनट के भीतर रिचार्ज हो जाता है, तो आप पेनल्टी रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
5) लेट ट्रांजैक्शन चार्ज
यदि टोल ट्रांजैक्शन 15 मिनट से अधिक समय के बाद प्रोसेस होता है, तो अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
6) चार्जबैक नियम
गलत कटौती पर बैंक 15 दिनों के बाद ही चार्जबैक अनुरोध स्वीकार करेंगे।
7) जल्दी चार्जबैक रिक्वेस्ट रिजेक्शन
15 दिन की अवधि से पहले चार्जबैक अनुरोध करने पर कोड 5290 के साथ ऑटोमेटिक रिजेक्शन हो जाएगा।
8) चार्जबैक अनुरोध कैसे करें
यदि आपको गलत कटौती का सामना करना पड़ता है, तो 15 दिनों के बाद ही बैंक में चार्जबैक अनुरोध दायर करें।
9) टोल ऑपरेटर की जिम्मेदारी
अगर बैलेंस की कमी के कारण ट्रांजैक्शन में देरी होती है, तो नुकसान की भरपाई टोल ऑपरेटर को करनी होगी, यूजर को नहीं।
10) 15 मिनट से अधिक लेट ट्रांजैक्शन पर पेनल्टी
यदि FASTag ट्रांजैक्शन 15 मिनट से ज्यादा देरी से प्रोसेस होता है, तो अतिरिक्त दंड लगाया जा सकता है।
कैसे बचें नए FASTag नियमों के उल्लंघन से?
1) पर्याप्त बैलेंस रखें: अपने FASTag वॉलेट में हमेशा पर्याप्त बैलेंस मेंटेन करें।
2) टैग की स्थिति जांचें: यह सक्रिय (Active) है या ब्लैकलिस्टेड (Blacklisted) नहीं, इसकी नियमित जांच करें।
3) ट्रांजैक्शन टाइम मॉनिटर करें: टोल कटौती में देरी हो रही है या नहीं, इसे ट्रैक करें।
4) इनएक्टिव टैग से बचें: FASTag को लंबे समय तक निष्क्रिय न छोड़ें।
