Times Drive Summit: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट एंड अवार्ड 2026 (Times Drive Auto Summit and Awards 2026) में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। गडकरी ने इस मौके पर किसानों (Farmers) की भूमिका को लेकर भी विजन बताते हुए भविष्य की योजनाओं के बारे में बात की।
नितिन गडकरी ने इथेनॉल को किसानों के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा है कि इससे कृषि क्षेत्र में आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे। मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से इथेनॉल बनाया जा सकता है।
नितिन गडकरी ने बताया कि 'बडे़ बिजनेसमैन बायोमास से बायो सीएनजी (Bio CNG) बनाने का काम कर रहे हैं। रिलाइंस इसमें आगे है। अभी करीब 4000 प्रोजेक्ट बायोमास से बायो सीएनजी बनाने में जुटे हैं। यह जो स्पेंड वाश और प्रेस मंड निकलता है शुगर फैक्ट्री में ये बायो डिजास्टर में डालकर मीथेन बनता है, मीथेन से CO2 अलग करके बायो सीएनजी निकलता है। अगर बायो सीएनजी नहीं निकलता है तो मीथेन से हाइड्रोजन भी निकलता है।'
'हाइड्रोजन इज द फ्यूल फॉर फ्यूचर'
नितिन गडकरी नेआगे कहा कि 'तो किसान एक प्रकार से अन्न दाता ना रहकर उर्जा दाता, ईंधन दाता, बिटुमिन दाता, हवाई ईंधन दाता और आगे चलकर हम किसानों को हाइड्रोजन दाता बनाना चाहते हैं। 'हाइड्रोजन इज द फ्यूल फॉर फ्यूचर' (Hydrogen is The Fuel For future)। पर इसकी एक समस्या है कि ट्रांसपोर्ट आफ द हाइड्रोजन और हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन इसमें हमें बहुत ही अध्ययन करना होगा।'
हाइड्रोजन की बस और ट्रक चलाने का 'पायलट प्रोजेक्ट'
उन्होंने कहा कि 'अभी देश की 10 ऐसी रोड हैं जहां पर हम हाइड्रोजन की बस और ट्रक चलाने का एक पायलट प्रोजेक्ट चला रहे हैं। उसमें टाटा, लीलेंड, वाल्वो, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल है, हमारा प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। हाइड्रोजन की बसें और ट्रक भी तैयार हुए हैं और मैंने खुद टाटा के 3 ट्रक लांच किए थे।' वहीं उन्होंने प्रदूषण को खत्म करने के लिए अपने मास्टर प्लान के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण फॉसिल फ्यूल को बताया। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के कारण 10 साल तक हमारा जीवन कम होता है इसलिए इसे किसी भी हालत में खत्म करना है।
