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सरकार का दावा, EPFO ने क्लेम सेटलमेंट में बनाया रिकॉर्ड; PF खाते से पैसे निकालना हुआ पहले से आसान

श्रम मंत्रालय के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार,कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 8.31 करोड़ दावों का निपटारा किया है।

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EPFO (Photo: iStock)

ईपीएफओ (Employees' Provident Fund Organisation) ने वित्त वर्ष 2025-26 में क्लेम सेटलमेंट के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। श्रम मंत्रालय की ओर से जारी किए आंकड़ों अनुसार, इस दौरान कुल 8.31 करोड़ दावों का निपटारा किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 6.01 करोड़ दावों की तुलना में काफी अधिक है।

5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक निकासी से जुड़े

EPFO

EPFO (Photo: iStock)

मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन दावों में से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक निकासी (Partial Withdrawals) से जुड़े थे। इसका मतलब है कि अब कर्मचारी अपनी जरूरत के समय अपने पीएफ खाते (PF Account) से आसानी से पैसा निकाल पा रहे हैं। आंकड़ों से साफ होता है कि ईपीएफओ ने अपने सिस्टम को इतना सरल बना दिया है कि लोगों को अपनी बचत तक पहुंचने में अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।

71.11% दावे ऑटो मोड में प्रोसेस हुए

इन आंकड़ों में डिजिटल सुधारों का असर भी साफ नजर आता है। कुल एडवांस क्लेम्स में से 71.11% दावे ऑटो मोड में प्रोसेस हुए, यानी बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के केवल 3 दिनों के भीतर निपटारा हो गया। यह पिछले साल के 59.19% की तुलना में एक बड़ी छलांग है।

ट्रांसफर क्लेम्स में भी दर्ज किया गया सुधार

इसके अलावा, मंत्रालय का कहना है कि 6.68 करोड़ सदस्यों ने बिना चेक लीफ इमेज अपलोड किए ही अपना क्लेम दाखिल किया, जिससे प्रक्रिया और आसान हो गई। वहीं, 1.59 करोड़ सदस्यों ने अपने बैंक खाते को बिना नियोक्ता की मंजूरी के ही जोड़ लिया। इसके अलावा, ट्रांसफर क्लेम्स में भी सुधार देखने को मिला है। 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम्स ऑटो मोड में प्रोसेस किए गए, जबकि 24.84 लाख ट्रांसफर रिक्वेस्ट खुद सदस्यों ने बिना नियोक्ता पर निर्भर हुए शुरू कीं। इसके अलावा, 29.34 लाख सदस्यों ने अपनी प्रोफाइल में खुद सुधार किया और बिना ईपीएफ कार्यालय या नियोक्ता के हस्तक्षेप के अपने खाते को मैनेज किया।

अप्रैल में 61.03 लाख क्लेम्स का निपटारा

अगर अप्रैल 2026 की बात करें तो केवल एक महीने में ही 61.03 लाख क्लेम्स का निपटारा किया गया। इनमें से करीब 74% एडवांस क्लेम्स ऑटो मोड में प्रोसेस हुए और कुल 98.70% दावे 20 दिनों के भीतर निपटा दिए गए। ईपीएफओ के ये आंकड़े दिखाते हैं कि डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के जरिए कर्मचारियों को तेज, पारदर्शी और आसान सेवाएं मिल रही हैं। इससे समय की बचत हो रही है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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