बिजनेस

Emergency Fund के लिए FD या Savings Account कौन-सा ऑप्शन है ज्यादा बेहतर

अचानक नौकरी चले जाने या किसी मेडिकल इमरजेंसी में पैसों की जरूरत आ सकती है ऐसे में हर व्यक्ति के पास इमरजेंसी फंड होना चाहिए। हालांकि, सवाल यह कि इमरजेंसी फंड को सेविंग अकाउंट या एफडी कहां रखा जाना चाहिए?

Image

Emergency Fund कहां रखें (AI Generated Image)

FD vs Savings Account for Emergency Savings: अचानक नौकरी चले जाने, मेडिकल इमरजेंसी, घर या गाड़ी की बड़ी मरम्मत या कोई दूसरी बड़ी जरूरत जैसी स्थिति जीवन में कभी भी आ सकती है। ऐसी स्थिति में अगर आपके पास अलग से पैसे नहीं हैं, तो आपको लोन लेने या अपनी लंबी अवधि की सेविंग और निवेश को समय से पहले निकालने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए हर व्यक्ति के लिए Emergency Fund तैयार करना जरूरी हो जाता है। हालांकि, इस पैसे का इस्तेमाल रोजमर्रा के खर्च, लग्जरी खरीदारी या पहले से तय खर्चों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

FD या Savings Account कौन-सा ऑप्शन बेहतर

इमरजेंसी फंड के लिए FD या Savings Account में से किसी एक विकल्प को पूरी तरह बेहतर कहना सही नहीं होगा। सही रणनीति यह हो सकती है कि इमरजेंसी फंड को जरूरत और पैसे की उपलब्धता के हिसाब से दोनों जगह बांटकर रखा जाए।

सेविंग अकाउंट में क्यों रखें फंड

सबसे पहले बात Savings Account की करें तो इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें रखा पैसा जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सकता है। अगर अचानक मेडिकल खर्च, घर की मरम्मत, जरूरी यात्रा या कोई दूसरा छोटा-मोटा इमरजेंसी खर्च सामने आ जाए तो तुरंत पैसा निकाला जा सकता है। Savings Account में पैसे निकालने पर आमतौर पर किसी तरह की Premature Withdrawal Penalty नहीं होती। हालांकि, इसमें मिलने वाला ब्याज FD की तुलना में कम हो सकता है। इसलिए अगर Emergency Fund की पूरी रकम सिर्फ Savings Account में रखी जाती है, तो लंबे समय तक रखे पैसे पर कम रिटर्न मिल सकता है।

FD में क्यों रखें फंड

वहीं, FD उन पैसों के लिए काम की साबित हो सकती है, जिनकी तुरंत जरूरत पड़ने की संभावना कम है। FD में ब्याज दर पहले से तय होती है और Savings Account की तुलना में बेहतर रिटर्न मिल सकता है। इससे Emergency Fund का पैसा सुरक्षित रहते हुए कुछ ब्याज भी कमा सकता है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर FD को समय से पहले तोड़ना पड़ सकता है और ऐसी स्थिति में बैंक या वित्तीय संस्था के नियमों के अनुसार पेनल्टी या ब्याज में बदलाव हो सकता है।

Emergency Fund के लिए सबसे प्रैक्टिकल तरीका दोनों ही विकल्पों का संतुलित इस्तेमाल करना है। उदाहरण के लिए अगर आपका Emergency Fund 3 लाख रुपये है तो इसका कुछ हिस्सा 1 लाख रुपये Savings Account में रखा जा सकता है, ताकि तुरंत आने वाले खर्चों को आसानी से पूरा किया जा सके। बाकी रकम यानी 2 लाख रुपये को FD में रखा जा सकता है, जिससे उस पर बेहतर ब्याज मिलता रहे।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article