यह बात सुनने में जितनी अजीब और काल्पनिक लगती है, गणितीय और बाजार के आंकड़ों के लिहाज से बिल्कुल सच है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) ने महज दो दिन में 200 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति बनाई है। जबकि, भारत के दो सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी और गौतम अड़ानी की कुल संपत्ति मिलाकर भी इतनी नहीं है।
2 दिन में 200 अरब डॉलर
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स और फोर्ब्स के ताजा आंकड़ों को देखें, तो यह तुलना वाकई होश उड़ा देने वाली है। 12 जून, 2026 को अमेरिकी बाजार में मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की ऐतिहासिक लिस्टिंग हुई। इसकी वजह से मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने और उनकी संपत्ति 1.1 लाख करोड़ डॉलर हो गई। 15 और 16 जून को हुए कारोबार में ही इस कंपनी के शेयरों में करीब 28 फीसदी का उछाल आ चुका है, जिससे मस्क की संपत्ति में दो दिन के भीतर 200 अरब डॉलर से ज्यादा का उछाल आया है। इस तरह मस्क की नेटवर्थ अब बढ़कर 1.30 लाख करोड़ डॉलर हो गई है।
कहां है भारत के धनकुबेर?
मस्क की दौलत के सामने फिलहाल दुनिया के तमाम अमीर बहुत छोटे नजर आते हैं। वहीं, भारत के लिहाज से देखें, तो भारत ही नहीं एशिया के दो सबसे अमीर मुकेश अंबानी (करीब $87-99 बिलियन) और गौतम अडानी (करीब $90-112 बिलियन) की कुल लाइफटाइम संपत्ति लगभग $180 से $200 बिलियन के बीच बैठती है। यानी भारत के इन दो सबसे अमीर कारोबारियों ने दशकों की मेहनत और बिजनेस साम्राज्य के विस्तार से जितनी कुल पूंजी जीवनभर में बनाई, मस्क ने वॉल स्ट्रीट पर सिर्फ 48 घंटों में उतनी दौलत अपने नाम कर ली।
मस्क कागजी शेर
भले ही आंकड़ों में मस्क अडानी अंबानी सहित दुनिया के तमाम अमीर लोगों की तुलना में फिलहाल कई गुना ज्यादा अमीर हो चुके हैं। उनके नाम दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बनने रिकॉर्ड भी हमेशा रहेगा। लेकिन, मस्क और भारत के अमीरों की दौलत में काफी फर्क है। मस्क की दौलत जहां मोटे तौर पर स्पेस एक्स में उनकी हिस्सेदारी और कंपनी के शेयरों के रेट की वजह से है। वहीं, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की दौलत पारंपरिक और रणनीतिक कोर सेक्टर्स पर टिकी है। रिलायंस ने पेट्रोकेमिकल्स से लेकर जियो के जरिए भारत के कोने-कोने तक डिजिटल क्रांति पहुंचाई।
अडानी ग्रुप ने देश के पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, पावर ग्रिड और सड़कों जैसे बुनियादी ढांचे को खड़ा किया है। इनकी फैक्ट्रियां, रिफाइनरियां और इंफ्रास्ट्रक्चर जमीन पर मौजूद हैं, जो रोज कमा कर देते हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
कभी भी फुस्स हो सकता है मस्क का रॉकेट
मस्क की दौलत पूरी तरह से फ्यूचरिस्टिक आइडियाज और शेयर बाजार के वैल्यूएशन (Multiples) पर बनी है। स्पेसएक्स अभी तक मुनाफे में भी नहीं है, लेकिन निवेशकों को मस्क के 'मार्स मिशन' और 'स्टारलिंक' के विजन पर इतना भरोसा है कि उन्होंने कंपनी की वैल्यू $2 ट्रिलियन के पार पहुंचा दी। मस्क की यह वेल्थ 'स्टॉक मार्केट' पर आधारित है। अगर कल को बाजार का मूड बदला या कोई बड़ा क्रैश आया, तो यह दौलत जितनी तेजी से ऊपर गई है, उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकती है।
