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इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को PLI योजना के तहत मिलेंगे 1000 करोड़ रु, अब तक दिए गए 2,900 करोड़

PLI Scheme For Electronics Sector: समिति की हालिया बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए पीएलआई योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये देने को मंजूरी दी गई। लाभार्थी कंपनियों को वास्तविक भुगतान में अभी कुछ और दिन लगेंगे। बता दें कि पीएलआई योजना की घोषणा 2021 में 14 सेक्टरों के लिए की गई थी।

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इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर कंपनियों को मिलेंगे 1000 करोड़
  • पीएलआई स्कीम के तहत मिलेगी राशि
  • पेमेंट करने में आएगी तेजी

PLI Scheme For Electronics Sector: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI Scheme) पर एक अधिकार प्राप्त समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की लाभार्थी कंपनियों को 1,000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रीब्यूशन की मंजूरी दे दी है। एक टॉप सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।

सरकार को इस योजना के तहत 3,400 करोड़ रुपये के क्लेम मिले हैं, जिसमें से मार्च 2023 तक वह 2,900 करोड़ रुपये का डिस्ट्रीब्यूशन कर चुकी है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, नौकरियां जनरेट करना और निर्यात को सपोर्ट करना है।

कौन-कौन से प्रोडक्ट के मैन्युफैक्चरर्स को होगा फायदा

अधिकारी ने बताया कि समिति की हालिया बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए पीएलआई योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये देने को मंजूरी दी गई। लाभार्थी कंपनियों को वास्तविक भुगतान में अभी कुछ और दिन लगेंगे। बता दें कि पीएलआई योजना की घोषणा 2021 में 14 सेक्टरों के लिए की गई थी।

इनमें बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, व्हाइट गुड्स (रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन आदि), कपड़ा, मेडिकल इक्विमेंट, वाहन, विशेष प्रकार का स्टील, फूड प्रोडक्ट, हाई एफिशिएंसी सौर पीवी मॉड्यूल, एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी, ड्रोन और फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं।

कौन से सेक्टरों को ज्यादा लाभ

इस योजना का कुल खर्च 1.97 लाख करोड़ रुपये है। यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और मेडिकल इक्विपमेंट जैसे क्षेत्रों में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। मोबाइल फोन और स्पेसिफाइड इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों सहित बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए पीएलआई योजना के तहत 32 लाभार्थियों को मंजूरी दी गई थी।

कैसे मिलती है क्लेम की राशि

प्रोत्साहन राशि का प्रस्ताव उन संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा पेश किया जाता है जो योजना को लागू कर रहे हैं। फिर इस पर अधिकार प्राप्त समिति विचार करती है। इसमें नीति आयोग, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और व्यय विभाग, राजस्व विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग और विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के प्रतिनिधि शामिल हैं।

भुगतान में जल्द ही तेजी आएगी

समिति पीएलआई योजना के तहत चुने गए लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए अपनी सिफारिशें देती है। ऐसे सेक्टर जहां पीएलआई का वितरण कम है या कंपनियां अपने प्रदर्शन की सीमा को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, वहां संबंधित विभाग योजना में सुधार पर विचार कर रहे हैं।

योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए हाल के दिनों में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं। एक अन्य अधिकारी ने उम्मीद जताई कि भुगतान में जल्द ही तेजी आएगी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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