बिजनेस

Economic Survey 2026: 6.8-7.2% की रफ्तार से बढ़ेगी GDP, बड़े देशों में सबसे तेज होगी हमारी ग्रोथ

Economic Survey 2026 को लोकसभा में पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत की जीडीपी वित्त वर्ष 2026-27 (FY 27) में 6.8 से 7.2 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ सकती है। इस तरह भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रहेगा।

Image

आर्थक सर्वेक्षण (इमेज क्रेडिट, वित्त मंत्रालया)

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। Economic Survey 2026 के मुताबिक घरेलू मांग, स्थिर मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति और नीतिगत निरंतरता के दम पर FY27 में देश की वास्तविक GDP ग्रोथ 6.8–7.2% के दायरे में रहने का अनुमान है। सर्वे कहता है कि जोखिम संतुलित हैं और ग्रोथ का मोमेंटम कायम है।

FY26 में ग्रोथ ने चौंकाया

आर्थिक सर्वे के अनुसार सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) के First Advance Estimates में FY26 के लिए रियल GDP ग्रोथ 7.4% और GVA ग्रोथ 7.3% आंकी गई है। यह कई एजेंसियों के पुराने अनुमानों से बेहतर है और भारत को लगातार चौथे साल सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाता है।

घरेलू ड्राइवर्स सबसे बड़ी ताकत

आर्थिक सर्वे 2026 के मुताबिक भारत की ग्रोथ स्टोरी का सबसे मजबूत आधार घरेलू ड्राइवर्स बने हुए हैं। निजी उपभोग में स्थिर सुधार, शहरी और ग्रामीण मांग में संतुलन, सरकार के पूंजीगत खर्च में निरंतर बढ़ोतरी और कॉरपोरेट सेक्टर की बेहतर बैलेंस शीट्स ने अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से काफी हद तक सुरक्षित रखा है। सर्वे में कहा गया है कि घरेलू मांग की मजबूती के चलते वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर भारत पर सीमित रहा है।

इसके साथ ही बैंकिंग सिस्टम की मजबूत स्थिति, एनपीए में कमी और पर्याप्त क्रेडिट ग्रोथ ने निवेश चक्र को सहारा दिया है। मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में गतिविधियों में तेजी बनी हुई है, जिससे रोजगार और आय में सुधार हुआ है। आर्थिक सर्वे का आकलन है कि जब तक मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता, नियंत्रित महंगाई और नीतिगत निरंतरता बनी रहती है, तब तक घरेलू ड्राइवर्स भारत की आर्थिक वृद्धि को आगे भी मजबूती देते रहेंगे।

Economic Survey 2026 की संरचना

आर्थिक सर्वे दो हिस्सों में पेश किया गया है। Part A में चालू वित्त वर्ष के प्रमुख मैक्रोइकोनॉमिक ट्रेंड्स और समग्र आकलन दिया गया है, जबकि Part B में अर्थव्यवस्था से जुड़े चुनिंदा सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर फोकस है।

Economic Survey 2025 का एक्शन रिकैप

पिछले सर्वे में FY25 के लिए 6.4% रियल GDP ग्रोथ का अनुमान था और डीरिगुलेशन को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य का अहम आधार बताया गया था। अप्रैल-दिसंबर 2024 में रिटेल महंगाई 4.9% पर आई, वहीं FDI इनफ्लो FY25 के पहले आठ महीनों में $55.6 बिलियन तक पहुंचा, जो सालाना 17.9% की बढ़त दिखाता है। साथ ही, अगले दशक की ग्रोथ के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश को निर्णायक बताया गया।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article