E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों के बीच फ्यूल की गुणवत्ता, माइलेज और पुरानी गाड़ियों की अनुकूलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, पेट्रोल में कितनी मात्रा में एथेनॉल मिला हुआ है, इसकी जानकारी पेट्रोल पंप पर ग्राहकों को दी जानी चाहिए या नहीं इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में एथेनॉल की सटीक मात्रा बताने के लिए अनिवार्य लेबलिंग की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी मांग लेकर संबंधित हाई कोर्ट जाने की छूट दी है।
क्या थी याचिका में मांग?
याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि देश के पेट्रोल पंपों पर लगाए गए हर डिस्पेंसिंग नोजल (Dispensing Nozzle) पर पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल की सटीक मात्रा साफ तौर पर लिखी जाए। उनका कहना था कि पेट्रोल खरीदने वाले ग्राहक को यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि उसे दिए जा रहे फ्यूल में कितना एथेनॉल मिला हुआ है।
याचिका में यह मांग भी की गई थी कि हर फ्यूल बिल या इनवॉइस (Invoice) पर पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल का प्रतिशत साफ लिखा होना चाहिए। याचिकाकर्ता ने इस मुद्दे को केवल अपनी व्यक्तिगत जरूरत नहीं बल्कि आम नागरिकों के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि लोगों को उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फ्यूल की जानकारी होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस एमएम सुंदरैश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने सोमवार को इस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस पीआईएल पर सुनवाई नहीं करेगा। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को संबंधित हाई कोर्ट का रुख करने की अनुमति दी गई।
केंद्र सरकार ने याचिका का किया विरोध
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी पेश हुए। उन्होंने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही E20 नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर चुका है। हालांकि, याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि उनकी याचिका सरकार की E20 नीति को चुनौती देने के लिए नहीं है। उनका कहना था कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि पेट्रोल खरीदने वाले व्यक्ति को यह जानकारी मिले कि ईंधन में एथेनॉल की कितनी मात्रा मौजूद है। उन्होंने इसे उपभोक्ता के जानने के अधिकार से जोड़ते हुए अपनी बात अदालत के सामने रखी।
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल ऐसा फ्यूल है, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। याचिका में इसी तरह के ईंधन की संरचना को लेकर ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने केवल पेट्रोल पंप पर लेबल लगाने की मांग नहीं की थी। उन्होंने एक ऐसी आधिकारिक और सार्वजनिक व्हीकल-वाइज कम्पैटिबिलिटी डेटाबेस तैयार करने की भी मांग की थी, जिसमें वाहन के निर्माता, मॉडल, इंजन प्रकार और निर्माण वर्ष के आधार पर यह जानकारी उपलब्ध हो कि अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के साथ संबंधित वाहन कितना अनुकूल है।
