Clean energy startups in India: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॉर पुपल एंड प्लेनेट (जीईएपीपी) ने देश में क्लीन एनर्जी स्टार्टअप्स के लिए अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से साझेदारी की है। यह जानकारी डीपीआईआईटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी संजीव की ओर से दी गई। यह साझेदारी भारत के लंबे अवधि के नेट-जीरो के लक्ष्य का समर्थन करने के लिए स्टार्टअप्स की टेक्नोलॉजी को बढ़ाने में मदद करेगी।
डीपीआईआईटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी संजीव ने कहा, "भारत की क्लाइमेट लीडरशिप एक मजबूत उद्यमशीलता आधार पर निर्भर करती है। यह साझेदारी क्लीन एनर्जी स्टार्टअप के लिए उन तकनीकों को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर खोलेगी जो देश के लंबे अवधि के नेट-जीरो के लक्ष्य को सपोर्ट करती हैं।"
इस दो-वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत दोनों पक्षों का लक्ष्य क्लीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग में इनोवेशन, स्थिरता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। यह पहल शुरुआती चरण के क्लाइमेट -टेक स्टार्टअप को फंडिंग, मेंटरशिप, पायलट प्रोजेक्ट और बाजार कनेक्शन तक पहुंच में मदद करके उनका समर्थन करेगी।
इस समझौता ज्ञापन के तहत जीईएपीपी एनर्जी ट्रांजिशनंस इनोवेशन चैलेंज (ईएनटीआईसीई) को लॉन्च करेगा। इसके जरिए ऐसी टेक्नोलॉजी को 5,00,000 डॉलर तक का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जो प्रभावशाली क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस पेश करेंगी। इसमें स्पेक्ट्रम इम्पैक्ट और अवाना कैपिटल जैसे पार्टनरों के माध्यम से निवेश सहायता प्रदान की जाएगी।
डीपीआईआईटी इस कार्यक्रम को स्टार्टअप इंडिया नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से इसकी पहुंच सुनिश्चित करेगा। संजीव ने आगे कहा कि क्लाइमेट एक्शन में भारत का नेतृत्व एक मजबूत उद्यमशीलता आधार बनाने पर निर्भर करता है और यह साझेदारी उस दिशा में एक कदम है।
जीईएपीपी में भारत के उपाध्यक्ष सौरभ कुमार ने समझौता ज्ञापन को प्रणालीगत परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जीईएपीपी के वैश्विक अनुभव, डीपीआईआईटी के संस्थागत समर्थन और स्टार्टअप इंडिया के नेटवर्क की संयुक्त ताकत देश में क्लीन एनर्जी इनोवेशन के लिए नए रास्ते खोलेगी।
इनपुट-आईएएनएस
