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US Stock Market: ट्रम्प की हठधर्मी से US शेयर बाजार तबाह, निवेशकों को दो दिन में लगी 427 लाख करोड़ रु की चपत

US Stock Market Fall Reason: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी ग्लोबल शेयर बाजार को बहुत ज्यादा प्रभावित कर रही है। ग्लोबल मार्केट में गिरावट आ रही है और इस गिरावट से अमेरिकी शेयर बाजार भी सेफ नहीं है। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से शुरू किया गया ट्रेड वॉर दुनिया को मंदी की ओर ले जाएगा।

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अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट
  • दो दिन में डूबे 427 लाख करोड़ रु
  • निवेशकों में मंदी की चिंता

US Stock Market Fall Reason: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी ग्लोबल शेयर बाजार को बहुत ज्यादा प्रभावित कर रही है। ग्लोबल मार्केट में गिरावट आ रही है और इस गिरावट से अमेरिकी शेयर बाजार भी सेफ नहीं है। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से शुरू किया गया ट्रेड वॉर दुनिया को मंदी की ओर ले जाएगा। इस डर के बीच शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंजों में से डॉव डोंस 5.50 फीसदी गिरकर 38,314.86 पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 5.97 फीसदी गिरकर 5,074.08 और नैस्डैक 5.82 फीसदी गिरकर 15,587.79 पर बंद हुआ।

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5 ट्रिलियन डॉलर का झटका

ट्रम्प ने टैरिफ को एक सदी से भी अधिक समय के सबसे ऊंचे स्तर तक बढ़ा दिया है। इसके 48 घंटे से भी कम समय बाद, चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह सभी अमेरिकी आयातों पर अतिरिक्त 34% शुल्क लगाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की संभावना काफी बढ़ गयी है।

इसके बाद दो दिन में एसएंडपी 500 में 6% गिरावट आई है, जिसका मतलब है कि इस इंडेक्स की मार्केट कैपिटल केवल दो दिनों में $5 ट्रिलियन डॉलर (427.66 लाख करोड़ रु) घट गयी।

उम्मीदों पर फिर गया पानी

निवेशकों को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल द्वारा ब्याज दरों में कटौती के लिए तैयार रहने का संकेत मिलने की उम्मीद थी। इसके लिए ट्रम्प ने कल दिन में पहले सोशल मीडिया पोस्ट में उन पर दबाव डाला था। लेकिन पॉवेल ने ग्रोथ और महंगई दोनों के लिए "बढ़े हुए जोखिम" पर जोर दिया, जिससे निवेशकों की उम्मीदों पानी फिर गया।

सरकार के अपने फैसलों का असर

साल 2020 में कोरोना महामारी के बाद से वैश्विक शेयर बाजार में सबसे भारी गिरावट आई है। वहीं साल 2008 की घटना और वैश्विक वित्तीय संकट के उलट वॉल स्ट्रीट पर मौजूदा उथल-पुथल सरकार के नीतिगत विकल्पों का परिणाम है, जो जानती थी कि इस तरह का परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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