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Dollar Vs Rupee: रुपये की दहाड़! 1 डॉलर की कीमत अब 96 या 95 नहीं, टूटकर इतनी हुई

ईरान युद्ध खत्म होने के बाद भारतीय शेयर बाजार से लेकर रुपये में लगातार रिकवरी है। अमेरिकी डॉलर के सामने आज भी रुपया मजबूत हुआ है।

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रुपया उछला

ईरान संकट खत्म होने का बड़ा फायदा भारतीय रुपये को मिला है। अमेरिकी डॉलर के सामने रुपये में लगातार रिकवरी देखने को मिल रही है। इसकी वजह कच्चे तेल की कीमत में लगातार गिरावट और विदेशी निवेशकों की वापसी है। बता दें कि रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 31 पैसे की मजबूती के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.29 पर पहुंच गया। हाल ही में रुपया टूटकर 96 के पार पहुंच गया था। कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।

कच्चा तेल 3 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि ब्रेंट कच्चा तेल घटकर करीब 79 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो पिछले तीन महीनों का सबसे निचला स्तर है। इससे निवेशकों की धारणा को बल मिला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.46 प्रति डॉलर पर खुला। फिर 94.29 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद के मुकाबले 31 पैसे की बढ़त है। रुपया मंगलवार को दो पैसे कमजोर होकर 94.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में रुपया कुल 130 पैसे मजबूत हुआ है। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चा तेल और सस्ता हुआ तो रुपये में रिकवरी जारी रहेगी। रुपया 90 के स्तर तक फिर लौट सकता है।

डॉलर इंडेक्स में भी गिरावट

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.52 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 271.61 अंक चढ़कर 77,080.09 अंक पर जबकि निफ्टी 55.35 अंक की बढ़त के साथ 24,044.50 अंक पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.67 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 749.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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