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ITR फाइल करके भूल तो नहीं गए? तुरंत कर लें e-Verification, ये हैं 5 सबसे आसान रास्ते

ITR वेरिफिकेशन वह आखिरी स्टेप है जो आपके इनकम टैक्स रिटर्न को मान्य बनाता है और टैक्स डिपार्टमेंट को इसकी प्रोसेसिंग शुरू करने में मदद करता है।

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इनकम टैक्स रिटर्न वेरिफिकेशन

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन चल रहा है। 31 जुलाई तक इस बार नौकरीपेशा लोगों के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन तय की गई है। आयकर विभाग के अनुसार, अभी तक 3 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स ने अपना रिटर्न फाइल कर लिया है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने अपना रिटर्न फाइल कर लिया है तो वेरिफाई (सत्यापित) करना नहीं भूलें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो आपका रिटर्न प्रोसेस ही नहीं होगा। यानी आप रिटर्न भरकर भी बिना रिटर्न फाइल करने वाले रहेंगे। बता दें कि टैक्सपेयर्स को ITR भरने के 30 दिनों के अंदर उसे वेरिफाई करना ज़रूरी है। ऐसा न करने पर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिटर्न को अमान्य मान लेगा और उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। आज हम आपको 5 सबसे आसान तरीके बता रहे हैं, जिसके जरिये आप अपने रिटर्न को ई-वेरिफाई कर सकते हैं।

ITR का वेरिफिकेशन क्यों जरूरी?

IT डिपार्टमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही रिटर्न की प्रोसेसिंग शुरू करता है। 1 अगस्त 2022 से, टैक्सपेयर्स के लिए वेरिफिकेशन की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है, यानी उन्हें अब 30 दिनों के अंदर वेरिफिकेशन पूरा करना होता है। ई-वेरिफिकेशन सबसे पसंदीदा विकल्प बना हुआ है क्योंकि यह आसान, तेज और बिना किसी परेशानी वाला है, और इसमें फिजिकल दस्तावेज भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। ई-वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा होने पर, टैक्सपेयर्स को एक ट्रांज़ैक्शन ID और स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मिलता है। टैक्सपेयर के रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस पर एक कन्फर्मेशन ईमेल भी भेजा जाता है, जिसमें इस बात की पुष्टि होती है कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है।

इनकम टैक्स रिटर्न को ई-वेरिफाई करने के 5 तरीके

ई-वेरिफिकेशन का तरीकाकैसे काम करता है?कौन कर सकता है?सबसे बड़ा फायदा
आधार OTPआधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आता है। इसे इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर डालकर ITR वेरिफाई किया जाता है।जिनका आधार वैध मोबाइल नंबर से लिंक है।सबसे तेज और आसान तरीका।
बैंक अकाउंट EVCपहले से वेरिफाई किए गए बैंक अकाउंट के जरिए EVC कोड जनरेट होता है।जिनका बैंक अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेटेड है।बैंकिंग के जरिए आसानी से वेरिफिकेशन।
डीमैट अकाउंट EVCप्री-वैलिडेटेड डीमैट अकाउंट के जरिए EVC कोड जनरेट किया जाता है।जिन निवेशकों का डीमैट अकाउंट प्री-वैलिडेटेड है।शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए सुविधाजनक।
नेट बैंकिंगअधिकृत बैंक की नेट बैंकिंग में लॉगिन करके सीधे ITR वेरिफाई कर सकते हैं।उन बैंकों के ग्राहक जो यह सुविधा देते हैं।अलग से OTP या EVC की जरूरत नहीं।
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC)रजिस्टर्ड डिजिटल सिग्नेचर से ITR को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्रमाणित किया जाता है।कंपनियां, प्रोफेशनल्स और DSC इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स।सुरक्षित तरीका; कुछ मामलों में जरूरी भी होता है।

ऑफलाइन भी रिटर्न को वेरिफाई करने का विकल्प

जो टैक्सपेयर ई-वेरिफिकेशन नहीं करना चाहते या इसके लिए योग्य नहीं हैं, वे ITR-V एकनॉलेजमेंट फॉर्म का प्रिंट लेकर, निर्देशों के अनुसार उस पर साइन करके और फ़ाइल करने के 30 दिनों के अंदर इसे सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु भेजकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी पूरा कर सकते हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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