DICGC New Facility 'Daava Soochak': जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) या डीआईसीजीसी (DICGC) ने जमाकर्ताओं के क्लेम स्टेटस पर नजर रखने के लिए एक ऑनलाइन इ्क्विपमेंट 'दावा सूचक' की शुरुआत की है। डीआईसीजीसी का काम विफल बैंकों के जमाकर्ताओं को बीमित राशि उपलब्ध कराने में मदद करना है। उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक ऑनलाइन साधन 'दावा सूचक' की मदद से जमाकर्ताओं के लिए दी जाने वाली सेवाओं में सुधार होगा।
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मोबाइल नंबर होगा अहम
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की फुली सब्सिडियरी कंपनी डीआईसीजीसी ने कहा है कि जमाकर्ता अब डीआईसीजीसी वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर (अपने बैंक में पंजीकृत) दर्ज करके अपने दावों की स्थिति पर नजर रख सकते हैं।
कुल कितनी जमा का है बीमा
वर्तमान में, कुल जमा खातों में से 97.8 प्रतिशत पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बाकी 2.2 प्रतिशत खातों में से जमाराशियाँ 5 लाख रुपये की सीमा तक बीमित हैं। वैल्यू के संदर्भ में, मार्च 2024 तक 43.1 प्रतिशत जमाराशियाँ बीमित थीं।
जमाकर्ता एक अप्रैल, 2024 के बाद सभी समावेशी निर्देशों (एआईडी) के तहत रखे गए बैंकों के लिए अपने दावों की स्थिति देख सकते हैं। निगम यह सुनिश्चित करता है कि संस्थागत जमा को छोड़कर बैंकों के पास सभी श्रेणियों की जमा राशियां सुरक्षित रहें। इसके लिए बीमा कवरेज को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। (इनपुट - भाषा)
