Investment In Gold: गोल्ड (Gold) बहुत आकर्षण वाली कमोडिटी है क्योंकि यह ज्वैलरी के साथ-साथ निवेश का भी अच्छा ऑप्शन है। दिवाली काफी करीब है और इस समय सोना खरीदना काफी शुभ माना जाता है। खास कर धनतेरस के दिन सोने की खरीदारी में काफी उत्साह रहता है। इस दिन शुभ निवेश से लोगों को मिलने वाली खुशी को मापना मुश्किल है, लेकिन गोल्ड पर मिलने वाले रिटर्न से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि एक साल में गोल्ड ने कितना रिटर्न दिया है। आगे जानिए गोल्ड के बीते सालों का रिटर्न।
कराया 21 फीसदी का फायदा
7 नवंबर को 10 ग्राम सोने की कीमत 60,579 रुपये रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के अनुसार, पिछले साल धनतेरस के दिन दर्ज की गई कीमत से यह 21% की वृद्धि है। पिछले साल धनतेरस पर 10 ग्राम सोने (24 कैरेट) की कीमत 50,062 रुपये थी।
डबल डिजिट में रहा है रिटर्न
धनतेरस के आसपास खरीदे गए सोने का लॉन्ग टर्म का रिटर्न काफी हद तक डबल डिजिट यानी 10 फीसदी या इससे अधिक रहा है। 2020 से 7 नवंबर तक गोल्ड ने 20 फीसदी, 2018 से 91 फीसदी और 2013 से 99 फीसदी रिटर्न दिया है।
1993 से अब तक रिटर्न
- 1993 से अब तक रिटर्न रहा है 1222 फीसदी
- 1998 से अब तक रिटर्न रहा है 1294 फीसदी
- 2003 से अब तक रिटर्न रहा है 942 फीसदी
- 2008 से अब तक रिटर्न रहा है 410 फीसदी
आगे क्या है उम्मीद
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार आईबीजेए के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के मुताबिक ऐतिहासिक रूप से सोना हमेशा अच्छा रिटर्न देता रहा है और इसलिए यह बाकी एसेट क्लास के मुकाबले सबसे अच्छा हेज ऑप्शन है। उन्होंने आगे कहा है कि सोने में पहले ही रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद गिरावट देखी गई है। अगर इजराइल युद्ध बढ़ा तो सोने की कीमतें और बढ़ जाएंगी।
जानकार कहते हैं कि गोल्ड में निवेश आपके पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने में मदद करेगा। इसके लिए लंबी अवधि में क्रमबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर है।
