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India Post के नाम पर हो रहा डिलीवरी स्कैम, आप भी हो सकते हैं शिकार, ऐसे बचें

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डिलीवरी स्कैम (Istock)

त्योहारी सीजन चल रहा है। इस दौरान लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस मौके को भुनाने के लिए साइबर फ्रॉड भी एक्टिव हो गए हैं। साइबर फ्रॉड अब India Post के नाम पर फर्जी डिलीवरी मैसेज भेज रहे हैं। PIB ने इसकी सूचना दी है। PIB के अनुसार, साइबर फ्रॉड इंडिया पोस्ट के नाम पर उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। फ्रॉड फर्जी एसएमएस अलर्ट भेजकर पार्सल की डिलीवरी लंबित होने का दावा कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को संदिग्ध लिंक के जरिए पते का विवरण अपडेट करने को कहा जा रहा है।

फर्जी संदेश में दावा किया जा रहा है कि एक पार्सल गोदाम में पहुंच गया है, लेकिन पते की अधूरी जानकारी के कारण उसकी डिलीवरी नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता को एक लिंक के जरिए 12 घंटे के भीतर अपना डिलीवरी स्थान अपडेट करने का आग्रह किया गया है, ऐसा न करने पर पैकेज वापस कर दिया जाएगा। जो लोग फर्जी लिंक को क्लिक कर रहे हैं, वे धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। PIB ने नागरिकों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी जा रही है क्योंकि साइबर अपराधी इन फिशिंग संदेशों के ज़रिए व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा चुराने की कोशिश कर रहे हैं।

ये मैसेज भेज रहे हैं फ्रॉड

कृपया 12 घंटे के भीतर अपना डिलीवरी स्थान अपडेट करें, अन्यथा हम आपके सामान को वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

एक लिंक जो इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिखता है, जैसे https://indiapost-gov-in.one/index.

पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, ये संदेश फर्जी हैं। इंडिया पोस्ट कभी भी उपयोगकर्ताओं को बाहरी लिंक के जरिए अपना पता अपडेट करने के लिए एसएमएस अनुरोध नहीं भेजता है।

इस तरह शिकार होने से बचें

  • अज्ञात स्रोतों से आए संदेशों में लिंक पर क्लिक न करें।
  • भेजने वाले का डोमेन सत्यापित करें। आधिकारिक इंडिया पोस्ट संचार में .gov.in होता है।
  • अगर किसी पार्सल की उम्मीद है तो सीधे इंडिया पोस्ट की वेबसाइट या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
  • संदिग्ध संदेशों को reportphishing@cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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