Credit Card Bill And New Rules: क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीददारी के चलन ने भारत में अब बड़ी पैठ बना ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार क्रेडिट कार्ड से लोन अमाउंट 1.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। जो कि कोविड-19 के पहले साल 2020 में 1.16 लाख करोड़ रुपये था। यानी लोग जमकर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं और यही कारण है कि दो साल में क्रेडिट कार्ड से खरीददारी 44 फीसदी बढ़ गई है। लेकिन खरीददारी बढ़ने से एक जोखिम भी बढ़ा है। कई बार लोग अनजाने में और आर्थिक दिक्कत में पेमेंट करने में गलतियां कर देते हैं, और वह गलती इतनी भारी पड़ती है कि वह कर्ज के मकड़जाल में फंस जाते हैं।
हालांकि ऐसे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। बैंकिंग रेग्युलेटर आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के नियमों में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। जिसका इस्तेमाल पेमेंट करते समय आपको जरूर करना चाहिए। और इसके लिए अपने बैंक से भी पूछताछ करनी चाहिए कि आरबीआई द्वारा लागू नियम को बिल जारी करने में लागू किया गया या नहीं।
क्या है नया नियम
आरबीआई ने अक्टूबर 2022 से बिल पेमेंट के नियमों में जो अहम बदलाव किया है, उसके तहत बैंकों को अब मिनिमम बैलेंस को, कस्टमर के प्रिंसिपल अमाउंट में एड करना होगा । यानी उसे ब्याज के साथ नहीं जोड़ा जाएगा। इस कदम का फायदा यह होगा कि ग्राहक के ऊपर ब्याज का बोझ नहीं बढ़ता जाएगा। इसे और आसाना भाषा में समझा जाय तो बिल जेनरेट करते समय बैंक कस्टमर को कुल अमाउंट, मिलिमम बैंलेंस के जरिए पेमेंट का विकल्प देते हैं। कई बार कस्टमर फुल पेमेंट करने की जगह मिनिमम पेमेंट करते हैं। ऐसे में उन पर ब्याज पर ब्याज का बोझ अगले बिल के समय पड़ता है। और उनका प्रिंसिपल अमाउंट कम नहीं होता है।
नए नियम से क्या फायदा
नया नियम कैसे लागू होगा इसे आरबीआई ने उदाहरण देते हुए समझाया है। उसके अनुसार किसी व्यक्ति का क्रेडिट कार्ड बिल 10,000 रुपये है और उसने तय तारीख तक भुगतान नहीं किया है। तो उस पर 2 फीसदी प्रति माह की दर से 200 रुपये का ब्याज लगेगा। साथ उसमें मान लीजिए 50 रुपये का टैक्स और दूसरे चार्ज लगते हैं। तो अगले बिल में 250 रूपये लगेंगे। लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने मिनिमम बिल का भुगतान कर दिया है, तो अगले बिल में उस पर ब्याज पर ब्याज नहीं लगाया जाएगा।
यानी आपने न्यूनतम राशि 2,000 रुपये की भुगतान कर दिया है तो अब अगले बिल में 40 दिनों के लिए बकाया 8,000 रुपये पर ब्याज की गणना की जाएगी।
