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Startups: बजट में स्टार्टअप के लिए अधिक फंड मांग सकता है वाणिज्य मंत्रालय, इस प्लान पर होगा काम

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 9, 2024, 04:55 PM IST

Ministry of Commerce and Industry: इस निधि को भारत भर में इनक्यूबेटरों के माध्यम से पात्र स्टार्टअप्स को शुरुआती वित्तपोषण प्रदान करने के लिए चार वर्षों में विभाजित किया गया था। ​मंत्रालय द्वारा ‘डीप टेक’ स्टार्टअप के लिए एक समर्पित नीति प्रस्तावित करने की भी उम्मीद है।

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Commerce Ministry may ask for more funds

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Ministry of Commerce and Industry: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय देश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई सरकार द्वारा घोषित आगामी बजट में स्टार्टअप के लिए अधिक धनराशि की मांग कर सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही है। नई सरकार 2024-25 के लिए जुलाई में बजट पेश कर सकती है। अप्रैल, 2021 में 945 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ घोषित सीड फंड योजना 2025 में समाप्त हो जाएगी। मंत्रालय इसी तर्ज पर एक नई योजना प्रस्तावित करने पर विचार कर सकता है।

सीड फंड योजना

सीड फंड योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स को अवधारणा के प्रमाण, प्रोटोटाइप विकास, उत्पाद परीक्षण, बाजार में प्रवेश और व्यावसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना था। इस निधि को भारत भर में इनक्यूबेटरों के माध्यम से पात्र स्टार्टअप्स को शुरुआती वित्तपोषण प्रदान करने के लिए चार वर्षों में विभाजित किया गया था। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि किसी उद्यम की वृद्धि के प्रारंभिक चरण में उद्यमियों के लिए पूंजी की आसान उपलब्धता जरूरी है।

देश में 1.17 लाख से ज़्यादा सरकारी रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। वे आयकर और अन्य लाभों के लिए पात्र हैं। इन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ने 12.42 लाख से ज़्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां दी हैं।

स्टार्टअप के लिए नीति

मंत्रालय द्वारा ‘डीप टेक’ स्टार्टअप के लिए एक समर्पित नीति प्रस्तावित करने की भी उम्मीद है। ‘डीप टेक्नोलॉजी’ का मतलब उन्नत वैज्ञानिक और तकनीकी सफलताओं पर आधारित नवाचारों से है। अपनी प्रकृति के कारण, उनमें भारत के सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को हल करने की क्षमता है।

(इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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