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Coal Production: भारत के कोयला उत्पादन में आया उछाल, नवंबर में 7.2 प्रतिशत बढ़कर 90.62 एमटी रहा

Coal Production: भारत का कुल कोयला उत्पादन नवंबर में सालाना आधार पर 7.2 प्रतिशत बढ़कर 90.62 मिलियन टन (एमटी) पहुंच गया है। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया कि कैप्टिव और अन्य संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कोयला उत्पादन नवंबर 2024 में सालाना आधार पर 37.69 प्रतिशत बढ़कर 17.13 एमटी हो गया है

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Coal Production

Coal Production: भारत का कुल कोयला उत्पादन नवंबर में सालाना आधार पर 7.2 प्रतिशत बढ़कर 90.62 मिलियन टन (एमटी) पहुंच गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 84.52 एमटी था। यह जानकारी कोयला मंत्रालय द्वारा दी गई। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया कि कैप्टिव और अन्य संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कोयला उत्पादन नवंबर 2024 में सालाना आधार पर 37.69 प्रतिशत बढ़कर 17.13 एमटी हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 12.44 एमटी था। वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत से लेकर नवंबर 2024 तक कोयला उत्पादन 628.03 एमटी रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 591.32 एमटी था। इसमें सालाना आधार पर 6.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

नवंबर 2024 में कोयला डिस्पैच (पावर प्लांट को भेजा जाने वाला कोयला) में लगातार सुधार हुआ है, जो नवंबर 2023 के आंकड़े 82.07 एमटी से बढ़कर 85.22 एमटी हो गया है, जो 3.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। कैप्टिव और अन्य संस्थाओं से डिस्पैच में तेज वृद्धि देखी गई, जो नवंबर 2023 में 13.19 एमटी से बढ़कर नवंबर 2024 में 16.58 मीट्रिक टन हो गया, जो 25.73 प्रतिशत की सालाना बढ़त को दिखाता है।

बयान में आगे कहा गया कि वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत से लेकर नवंबर 2024 तक कोयला डिस्पैच बढ़कर 657.75 एमटी हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 623.78 एमटी था, जिसमें 5.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 10वें दौर के हिस्से के रूप में इस सप्ताह 9 खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की। मंत्रालय ने कहा कि इन खदानों से लगभग 1,446 करोड़ रुपये (आंशिक रूप से खोजी गई खदानों को छोड़कर) का वार्षिक राजस्व पैदा होने की उम्मीद है। इसमें लगभग 2,115 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने की संभावना है और इससे 19,063 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

नौ खदानों में लगभग 3,998.73 मिलियन टन का संयुक्त भूगर्भीय भंडार है। आधिकारिक बयान के अनुसार, आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानों को छोड़कर, इन खदानों की संचयी पीक रेटेड क्षमता (पीआरसी) 14.10 एमटीपीए है। इनमें से तीन कोयला खदानें झारखंड में हैं, जबकि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में दो-दो खदानें हैं।

कोयला मंत्रालय ने 21 जून, 2024 को वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदान नीलामी के 10वें दौर की शुरुआत की थी। अग्रिम नीलामियों में कुल नौ कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई, जिनमें तीन पूरी तरह से खोजी गई और छह आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानें शामिल हैं।

(इनपुट-आईएएनएस)

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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