Sensex Nifty Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 829 अंक टूटकर बंद हुआ जबकि निफ्टी 23,639 तक फिसल गया। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा कमजोर कर दी। मार्च के पहले पखवाड़े में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹14 लाख करोड़ घट चुकी है।
बाजार में लगातार दूसरे दिन दबाव
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई और दिनभर दबाव बना रहा। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,833 तक गया लेकिन बिकवाली बढ़ने के बाद यह 23,556 तक फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 829 अंक यानी 1.08% गिरकर 76,034 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 227 अंक यानी 0.95% टूटकर 23,639 पर बंद हुआ। बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से ज्यादा रही।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों ने बढ़ाया दबाव
गिरावट में सबसे बड़ा दबाव ऑटो और बैंकिंग शेयरों से आया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 3% से ज्यादा टूटकर दिन का सबसे कमजोर सेक्टर रहा।
Mahindra & Mahindra, Bajaj Auto और Maruti जैसे बड़े ऑटो शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा निजी बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही, जिससे निफ्टी बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा गिरकर 55,100 के आसपास बंद हुआ।
क्रूड की तेजी ने बढ़ाई चिंता
बाजार की कमजोरी की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी रही। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ी है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा क्रूड महंगाई और चालू खाते के घाटे को बढ़ा सकता है। यही कारण है कि क्रूड की तेजी का सीधा असर शेयर बाजार की धारणा पर पड़ रहा है।
मार्च में निवेशकों की दौलत को बड़ा झटका
लगातार गिरावट का असर बाजार पूंजीकरण पर भी साफ दिख रहा है। मार्च के शुरुआती दिनों से अब तक BSE में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप से करीब ₹14 लाख करोड़ की वैल्यू साफ हो चुकी है। बाजार पूंजीकरण 2 मार्च को जहां करीब ₹456 लाख करोड़ के आसपास था, वहीं अब यह घटकर करीब ₹440 लाख करोड़ के आसपास आ गया है। इससे साफ है कि हालिया गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर डाला है।
अस्थिरता का संकेत दे रहा VIX
बाजार में डर का माहौल India VIX में तेजी से साफ दिखाई दे रहा है। VIX 21 के ऊपर बना हुआ है, जो यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्थिर नहीं होते और क्रूड की कीमतों में राहत नहीं मिलती, तब तक बाजार में दबाव बना रह सकता है।
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