बिजनेस

Closing Bell: गैप अप खुलकर सपाट बंद हुए निफ्टी-सेंसेक्स, बैंकिंग-फाइनेंस सेक्टर ने बढ़ाया दबाव

शेयर बाजार में गुरुवार को जहां मार्केट ब्रेड्थ में मजबूती देखने को मिली, वहीं बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स में खासतौर पर बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर ने दबाव बनाया है। वहीं, आईटी स्टॉक्स में रिकवरी का ट्रेंड जारी रहा।

Image

आज कैसा रहा शेयर बाजार का हाल?

Nifty Sensex Share Market: बुधवार को बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद निफ्टी हल्की बढ़त और सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में दबाव ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ाई, जबकि फार्मा, मेटल और ऑटो ने सहारा दिया। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी जहां बुधवार के क्लोजिंग लेवल से करीब 50 अंक के गैपअप के साथ ओपन हुआ। वहीं, इंट्रा डे में 25,572.95 के हाई और 25,400.95 के लो के बाद 25,496.55 पर बंद हुआ। इसी तरह सेंसेक्स 82,418.78 अंक पर ओपन होने के बाद 27.46 अंक की गिरावट के साथ 82,248.61 अंक पर बंद हुआ।

इंडेक्सओपनहाईलोक्लोजअंक बदलाव% बदलाव
Nifty 5025,556.3025,572.9525,400.9525,496.55+14.05+0.06%
Sensex82,418.7882,579.1681,970.4782,248.61-27.46-0.03%

मार्केट ब्रेड्थ मजबूत

गुरुवार को NSE और BSE पर लिस्टेड कंपनियों में हुए कुल कारोबार के आधार पर देखें, तो आज मार्केट ब्रेड्थ में मजबूती देखने को मिली है। BSE पर लिस्टेड कुल कंपनियों में से 4,356 के स्टॉक्स में ट्रेडिंग हुई। इनमें से 2,172 में खरीदारी हुई और हरे निशान में बंद हुए। वहीं, 2,030 स्टॉक्स में बिकवाली हुई और गिरावट में बंद हुए।

मार्केट कैप कितना बढ़ा?

बाजार में हुई व्यापक खरीदारी के चलते कुल लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है। बुधवार 25 फरवरी को BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 46714730.66 करोड़ रुपये रहा, जो गुरुवार को बढ़कर 46836769.15 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह मार्केट कैप में 1,22,038.49 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में दबाव

बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों से आया। एचडीएफसी बैंक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि एक्सिस बैंक, कोटक बैंक और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर भी दबाव में रहे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में सुस्ती की वजह से इंडेक्स ऊपरी स्तरों पर मजबूती बनाए नहीं रख सका। हालांकि आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे गिरावट सीमित रही।

फार्मा, ऑटो और मेटल ने दिया सहारा

दूसरी ओर फार्मा, ऑटो और मेटल सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फार्मा इंडेक्स एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। सन फार्मा और सिप्ला जैसे शेयरों में मजबूती रही। ऑटो सेक्टर में मारुति और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने समर्थन दिया, जबकि मेटल शेयरों में टाटा स्टील और हिंडाल्को में तेजी रही। डिफेंस से जुड़ा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स भी दो प्रतिशत से ज्यादा उछला। इन सेक्टरों की मजबूती ने बाजार को पूरी तरह फिसलने से बचाए रखा।

ब्रॉड मार्केट में सीमित दायरे की चाल

ब्रॉड मार्केट में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और मिडस्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 लगभग सपाट बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में गिरावट दर्ज की गई, जो घटती घबराहट का संकेत देता है। बाजार की चौड़ाई संतुलित रही, जिससे संकेत मिला कि गिरावट व्यापक नहीं थी बल्कि चुनिंदा सेक्टरों तक सीमित रही।

क्या हैं आगे के संकेत?

तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500 के आसपास रुकावट बनी हुई है। यदि यह स्तर decisively पार होता है तो अगला लक्ष्य 25,650-25,700 के दायरे में हो सकता है। वहीं नीचे की ओर 25,400 और 25,350 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। कुल मिलाकर बाजार फिलहाल दायरे में कारोबार कर रहा है और सेक्टोरल रोटेशन की थीम जारी है। बैंकिंग में स्थिरता लौटने पर ही इंडेक्स में निर्णायक तेजी की संभावना मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article