Aluminium and Copper: चीन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एल्युमीनियम और तांबे के निर्यात पर सब्सिडी खत्म करने का ऐलान कर दिया है, जिससे वैश्विक धातु बाजार में हलचल मच गई है। ईटी नाउ की रिपोर्ट के अनुसार ब्रोकरेज फर्म एक्सएम ऑस्ट्रेलिया के सीईओ पीटर मैकगायर के अनुसार एल्युमीनियम की कीमतों में हाल ही में आए बदलाव केवल चीन की घोषणा के कारण नहीं हैं। पिछले एक या दो सप्ताह में कोयला में गिरावट आई है। एल्युमीनियम, जिंक, टिन और निश्चित रूप से तांबे की कीमतों में भी गिरावट आई है। चीन के कदम का भारत समेत बाकी दुनिया पर क्या असर पड़ेगा, आगे जानिए।
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दुनिया भर पर क्या पड़ रहा असर
चीन ने एल्युमीनियम और तांबे पर निर्यात इंसेंटिव हटा दिया है और इसका वैश्विक बाजारों पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। शुक्रवार को लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर एल्युमीनियम की कीमतों में 5.5% और इंट्राडे में 8.5% की उछाल आई, जो एक साल से भी ज़्यादा समय में सबसे बड़ी बढ़त है।
भारत पर क्या पड़ेगा असर
भारतीय व्यवसायों के लिए चीन का कदम मिला-जुला है। हिंडाल्को, नाल्को और वेदांता जैसे एल्युमीनियम उत्पादकों को कम प्रतिस्पर्धा और ऊंची कीमतों से लाभ होगा। हालांकि, ऑटो, कंस्ट्रक्शन और पैकेजिंग जैसे एल्युमीनियम का उपयोग करने वाले व्यवसायों की कॉस्ट बढ़ेगी।
निर्यात इंसेंटिव को हटाने से स्पेशियलिस्ट एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में फ्लो पर भी असर पड़ेगा, जो बाजार में अधिक जोखिम के रवैये को दर्शाता है।
मेटल में आएगी मजबूती
धातु की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी पर मैकगायर ने कहा कि लगातार यूएस-चीन व्यापार संबंधी चिंताएँ इसका कारण रहीं। उन्होंने ट्रेडर्स को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा, "यदि आप अगले कुछ महीनों में ट्रेड करने जा रहे हैं, तो आपको व्हिपसॉइंग और मार्केट ट्रेंड के बारे में वास्तव में सचेत रहना होगा।"
