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​China bans PwC:चीन ने PwC पर छह महीने का प्रतिबंध, 5.64 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया

China bans PwC: पीडब्ल्यूसी पर कुल 32.5 करोड़ युआन (4.58 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगा है। दुनिया की सबसे अधिक कर्जदार रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के जनवरी में धराशायी हो जाने के बाद इसका ऑडिट करने वाली फर्म पीडब्ल्यूसी के खिलाफ चीन की सरकार ने जांच शुरू कर दी थी।

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चीन।

China bans PwC: चीन ने धराशायी हो चुकी रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के ऑडिट में संलिप्त रही लेखा कंपनी पीडब्ल्यूसी पर छह महीने का प्रतिबंध लगाने के साथ उस पर 40 करोड़ युआन (5.64 करोड़ डॉलर) से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। यह चीन में काम करने वाली किसी भी अंतरराष्ट्रीय लेखा कंपनी के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई है।

पीडब्ल्यूसी पर 11.6 करोड़ युआन का जुर्माना

इस निर्देश के मुताबिक, पीडब्ल्यूसी पर छह महीने तक चीन में किसी भी कंपनी के वित्तीय नतीजे पर हस्ताक्षर करने पर रोक लगी रहेगी। यह निर्देश अपने ग्राहकों को पहले से ही गंवा रही ऑडिट कंपनी के लिए तगड़ा झटका है। चीन के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पीडब्ल्यूसी पर 11.6 करोड़ युआन (1.63 करोड़ डॉलर) का जुर्माना और उसके गैरकानूनी लाभ को जब्त करने के साथ छह महीने के लिए व्यापार से भी निलंबित कर रहा है। मंत्रालय ने पीडब्ल्यूसी की गुआंगझोउ शाखा को निरस्त करने के साथ एक प्रशासनिक चेतावनी भी जारी की है।

चीन की सरकार ने जांच शुरू कर दी थी

चीन के बाजार नियामक ने भी एवरग्रांडे के ऑडिट में समुचित कदम न उठा पाने के लिए पीडब्ल्यूसी पर कुल 32.5 करोड़ युआन (4.58 करोड़ डॉलर) का जुर्माना और जब्ती लगाई है। दुनिया की सबसे अधिक कर्जदार रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के जनवरी में धराशायी हो जाने के बाद इसका ऑडिट करने वाली फर्म पीडब्ल्यूसी के खिलाफ चीन की सरकार ने जांच शुरू कर दी थी।

एवरग्रांडे ने 2019 और 2020 में अपने रेवेन्यू में लगभग 80 अरब डॉलर बढ़ाकर दिखाया था

चीन प्रतिभूति नियामकीय आयोग ने मार्च में कहा था कि एवरग्रांडे ने 2019 और 2020 में अपने रेवेन्यू में लगभग 80 अरब डॉलर बढ़ाकर दिखाया था। मई में अधिकारियों ने कंपनी पर 57.7 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगा दिया था। दुनिया की अग्रणी लेखा कंपनियों में शुमार पीडब्ल्यूसी ने 14 वर्षों के लिए एवरग्रांडे के खातों का ऑडिट किया था और इसे सेहतमंद बताया था। चीन रियल एस्टेट बाजार में लंबे समय से जारी सुस्ती के दौरान रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ अत्यधिक उधार लेने पर नकेल कस रहा है।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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