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यूएस सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर की भारी बमबारी, मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने करीब दो घंटे तक ईरान के खिलाफ हमले की एक भारी लहर को अंजाम दिया। इस दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया।

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नए दौर में US-Iran युद्ध

Photo : AP

US launches strikes on Iran- मिडिल ईस्ट में कई दिनों की शांति के बाद एक बार फिर युद्ध की लपटें तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना ने गुरुवार तड़के ईरान के कई ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में की गई है। इस नए तनाव के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 7.3 फीसदी का भारी उछाल आया है।

दो घंटे तक बरसाए बम, दर्जनों ठिकाने तबाह

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने करीब दो घंटे तक ईरान के खिलाफ हमले की एक भारी लहर को अंजाम दिया। इस दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन डिपो के साथ-साथ तटीय निगरानी और रक्षा प्रणालियां शामिल हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केशम (Qeshm) द्वीप पर हुए हमलों में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि उत्तर-पश्चिमी खुज़ेस्तान प्रांत में भी भारी विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की खुली चेतावनी: 'अब हमारी बारी है'

यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने ईरान को बहुत करारा जवाब देने की कसम खाई थी। ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान इन हमलों के लिए जिम्मेदार है, तो उन्होंने कहा, यह सब उसी का हिस्सा है। इस बीच, हम उन पर बहुत जोरदार हमला करने जा रहे हैं क्योंकि अब हमारी बारी है।

मिस्र के बंदरगाह पर भी हमला, बढ़ा पूर्ण युद्ध का खतरा

इस बीच, ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म एम्ब्रे (Ambrey) के अनुसार, मिस्र के दमिएत (Damietta) बंदरगाह पर खड़े दो प्राकृतिक गैस जहाजों पर ड्रोन हमले हुए, जिससे वहां भीषण आग लग गई। इनमें से एक अमेरिकी स्वामित्व वाली फ्लोटिंग स्टोरेज फैसिलिटी थी और दूसरा ग्रीक स्वामित्व वाला टैंकर था। हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन मिस्र जैसे अमेरिकी सहयोगी देश के करीब हमला होना युद्ध के बड़े पैमाने पर फैलने का संकेत है।

वैश्विक बाजार में हड़कंप, सऊदी अरब पर भी ड्रोन हमले

पांच महीने से चल रहे इस संघर्ष के दोबारा भड़कने से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ गई है। ताजा हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 7.3 प्रतिशत बढ़कर 88.093 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, सऊदी अरब ने भी पिछले दो दिनों में अपनी तेल संपत्तियों पर इराकी मिलिशिया द्वारा ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है। हालांकि, यमन के ईरान समर्थित हूतियों ने दावा किया है कि सऊदी ऊर्जा ठिकानों पर हमला उन्होंने किया है। इसी सिलसिले में सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से मुलाकात भी की है।

कूटनीति फेल, शांति वार्ता खटाई में

इस नए मोर्चे के खुलने से पहले मध्यस्थ अमेरिका और ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में दोबारा शुरू हुई जंग के कारण अंतरिम समझौता पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। एक क्षेत्रीय अरब अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बेहद निराशाजनक स्थिति बयां करते हुए कहा, "हम इस समय बहुत खराब स्थिति में हैं।" दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे पूर्ण युद्ध का खतरा बेहद गंभीर हो गया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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