ट्रेन में सफर करना हो और टिकट वेटिंग लिस्ट (Waiting List Ticket) में अटक जाए, तो पूरा मजा किरकिरा हो जाता है। त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में तो कन्फर्म सीट मिलना किसी लॉटरी से कम नहीं लगता। ऐसे में हर यात्री यही सोचता है कि क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे वेटिंग टिकट 100% कन्फर्म हो जाए? वैसे तो रेलवे में आखिरी मिनट तक कुछ भी तय नहीं होता, लेकिन Indian Railway IRCTC के सिस्टम में कुछ ऐसे हिडन फीचर्स और स्मार्ट ट्रिक्स मौजूद हैं, जिन्हें अगर आप टिकट बुक करते समय अपना लें, तो आपकी वेटिंग सीट चुटकियों में कन्फर्म हो सकती है। आइए जानते हैं उन सीक्रेट ट्रिक्स के बारे में जो आपके सफर को आसान बना देंगी।
CNF Probability (कन्फर्म होने की संभावना) को चेक करें
जब आप IRCTC ऐप या वेबसाइट पर वेटिंग टिकट बुक करते हैं, तो वहां आपको 'CNF Probability' का एक विकल्प दिखाई देता है। यह फीचर रेलवे के पिछले कई सालों के डेटा और ट्रेंड्स का विश्लेषण करके आपको बताता है कि आपकी टिकट कन्फर्म होने के कितने प्रतिशत चांस हैं। अगर टिकट बुक करते समय प्रोबेबिलिटी 80% या उससे अधिक दिखा रहा है, तो उस टिकट के कन्फर्म होने की उम्मीद बहुत ज्यादा होती है। वहीं, अगर यह 40-50% से कम है, तो आपको बैकअप प्लान तैयार रखना चाहिए।
IRCTC 'Vikalp' का इस्तेमाल जरूर करें
रेलवे की 'विकल्प योजना' एक ऐसा शानदार टूल है, जिसे बहुत से लोग टिकट बुक करते समय नजरअंदाज कर देते हैं। टिकट बुकिंग के दौरान इस ऑप्शन को चुनने पर, अगर आपकी मूल ट्रेन में सीट कन्फर्म नहीं होती है, तो रेलवे आपको उसी रूट पर जाने वाली अन्य ट्रेनों (जैसे मेल, एक्सप्रेस या राजधानी) में खाली सीट अलॉट कर देता है। इसके लिए आपसे कोई अतिरिक्त किराया भी नहीं लिया जाता। यह ट्रिक त्योहारों के सीजन में आपके सफर को 100% पक्का बनाने में बहुत मददगार साबित होती है।
'Auto Upgradation' विकल्प को हमेशा टिक करें
टिकट बुक करते समय फॉर्म में नीचे 'Consider for Auto Upgradation' का एक चेकबॉक्स होता है। इसे चुनने का फायदा यह होता है कि अगर आपकी स्लीपर क्लास (SL) की वेटिंग लिस्ट लंबी है, और थर्ड एसी (3AC) या सेकेंड एसी (2AC) में चार्ट बनने के बाद भी कुछ सीटें खाली रह जाती हैं, तो रेलवे स्लीपर के यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के ऊपर की क्लास में प्रमोट (अपग्रेड) कर देता है। इससे नीचे वाले वेटिंग यात्रियों की टिकट अपने आप तेजी से क्लियर हो जाती है।
मास्टर लिस्ट (Master List) फीचर का फायदा उठाएं
तत्काल (Tatkal) या प्रीमियम तत्काल कोटा में कन्फर्म टिकट पाने का सबसे बड़ा खेल 'समय' का होता है। तत्काल बुकिंग खुलते ही 1 मिनट के भीतर सारी सीटें फुल हो जाती हैं। इसके लिए सबसे बेहतरीन ट्रिक है IRCTC ऐप में जाकर पहले से 'Master List' तैयार रखना। इसमें यात्रियों के नाम, उम्र और बर्थ चॉइस पहले से सेव रहती है। बुकिंग शुरू होते ही आपको बस पैसेंजर सिलेक्ट करना होता है, जिससे आपका कीमती समय बच जाता है और पेमेंट पेज पर जल्दी पहुंचने के कारण कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना 100% के करीब हो जाती है।
GNWL बनाम PQWL/RLWL को समझें
हर वेटिंग लिस्ट एक जैसी नहीं होती। अगर आपकी टिकट पर GNWL (General Waiting List) लिखा है, तो इसके कन्फर्म होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं क्योंकि यह ट्रेन शुरू होने वाले स्टेशन से कोटा तय करती है। इसके विपरीत, अगर आपकी टिकट पर PQWL (Pooled Quota) या RLWL (Remote Location) लिखा है, तो इसके कन्फर्म होने की संभावना बहुत कम होती है क्योंकि इनका कोटा सीमित होता है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि मुख्य स्टेशन से ही बुकिंग करें।
