Cairn Oil and Gas: वेदांता समूह की कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस ने भारत में अपना तेल एवं गैस प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए पार्कर वेलबोर से एक उच्च क्षमता वाले ड्रिलिंग रिग को किराये पर लेने का अनुबंध किया है। बता दें कि ड्रिलिंग रिग का इस्तेमाल धरती की सतह के नीचे तेल या पानी के कुओं की खुदाई करने और निर्माण उद्देश्यों के लिए बड़ा छेद करने में किया जाता है।
राजस्थान के बाड़मेर में होगी तैनाती
कंपनी ने बयान में कहा कि यह ड्रिलिंग रिग राजस्थान के बाड़मेर में तैनात किया जाएगा, जो केयर्न की सबसे बड़ी जमीनी उत्पादन परिसंपत्ति है। केयर्न ऑयल एंड गैस ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य मौजूदा परियोजनाओं में निवेश करके प्रोडक्शन बढ़ाना और नए भंडारों को शामिल करना है।
देश का एक चौथाई प्रोडक्शन करती है कंपनी
बयान के मुताबिक, कंपनी ऐसी विकास परियोजनाओं में विशेषज्ञता रखने वाली ग्लोबल तेल एवं गैस कंपनियों के साथ साझेदारी की तलाश में है। केयर्न भारत के घरेलू तेल उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा उत्पादित करती है। इसके पास भारत में 60,000 वर्ग किलोमीटर में फैले 62 ब्लॉक हैं और राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात और असम में प्रोडक्शन यूनिट्स हैं।
हाल ही में CERAWeek 2025 में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए कंपनी की योजना शेयर की। बयान में कहा गया है कि कंपनी ब्राउनफील्ड प्लान में निवेश करके 5 बिलियन बैरल तेल के बराबर भंडार जोड़ेगी और 5 डॉलर प्रति बैरल की लागत से प्रतिदिन 500,000 बैरल तेल का प्रोडक्शन करेगी, लेकिन इसकी समयसीमा नहीं बताई गई।
इनपुट-भाषा
