बजट 2026

Budget 2024: Budget 2024: F&O से हुई कमाई पर लग सकता है ज्यादा टैक्स, जानें बजट में क्यों हो सकता है ये बदलाव

Budget 2024: अभी F&O ट्रांजेक्शन से हुई कमाई को बिजनेस इनकम माना जाता है। इस पर इनवेस्टर्स के स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसका मतलब है कि इनवेस्टर के लिए टैक्स के रेट 5 फीसदी, 20 फीसदी और 30 फीसदी हो सकते हैं।

Image

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस

Photo : iStock

Budget 2024: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) ट्रेडिंग से होने वाली इनकम पर ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ सकता है। यूनियन बजट में इसके लिए सरकार एफएंडओ ऑप्शंस से हुई इनकम को लॉटरी या क्रिप्टोकरेंसी से हुई इनकम मान सकती है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर में इसके बारे में बताया गया है। लॉटरी से हुई इनकम पर काफी ज्यादा टैक्स लगता है। यही स्थिति क्रिप्टोकरेंसी से हुई इनकम के साथ है।

टैक्स का नियम अभी क्या?

अभी F&O ट्रांजेक्शन से हुई कमाई को बिजनेस इनकम माना जाता है। इस पर इनवेस्टर्स के स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसका मतलब है कि इनवेस्टर के लिए टैक्स के रेट 5 फीसदी, 20 फीसदी और 30 फीसदी हो सकते हैं। इसके अलावा एफएंडओ से हुए लॉस को दूसरी बिजनेस एक्टिविटीज के गेंस के साथ एडजस्ट करने की भी इजाजत होती है। यदि सरकार एफएंडओ ट्रांजेक्शन पर TDS लगाती है तो वह निवेश करने वालों को ट्रैक कर सकेगी।

किस वजह से टैक्स नियम में हो सकते हैं बदलाव

सरकार डेरिवेटिव मार्केट में रिटेल इनवेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी से चिंतित है। मार्केट क्रैश करने पर इन रिटेल इनवेस्टर्स को बड़ा लॉस हो सकता है। पिछले पांच सालों में डेरिवेटिव मार्केट में रिटेल इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन पांच गुना हो गया है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article