बजट 2026

MSME: कर्ज गारंटी योजना मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा, कस्टम ड्यूटी में कटौती का ये होगा फायदा

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 24, 2024, 04:41 PM IST

MSME: विशेषज्ञों ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि स्पैन्डेक्स, चमड़ा और समुद्री सामान जैसे सामान पर सीमा शुल्क कम करने से उद्योग को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना और ई-कॉमर्स केंद्र की स्थापना जैसी बजट घोषणाओं से घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

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MSME: तमाम वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती, एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना और ई-कॉमर्स केंद्र की स्थापना जैसी बजट घोषणाओं से घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि स्पैन्डेक्स, चमड़ा और समुद्री सामान जैसे सामान पर सीमा शुल्क कम करने से उद्योग को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन सुधीर सेखरी ने कहा कि परिधान उद्योग आईजीसीआर (रियायती दरों पर वस्तुओं का आयात) के तहत ट्रिम्स और एम्बेलिशमेंट की सूची का विस्तार करने की सराहना करता है, जिससे तैयार कपड़ों की निर्यात खेप (शिपमेंट) को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ऋण गारंटी योजना

सेखरी ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना के तहत सीमा में वृद्धि, सभी औपचारिक क्षेत्रों में नए प्रवेशकों को 15,000 रुपये तक एक महीने का वेतन प्रदान करना, नए विनिर्माण कर्मचारियों के लिए चार साल तक ईपीएफओ अंशदान और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उन्नत करना परिधान उद्योग को आगे बढ़ाने और भविष्य के लिए तैयार करने में मदद करेगा।

चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के चेयरमैन राजेंद्र कुमार जालान ने कहा कि निर्यात शुल्कों को युक्तिसंगत बनाने और वेट ब्लू क्रोम टैंड लेदर, वेट व्हाइट लेदर, क्रस्ट लेदर और तैयार चमड़े सहित अधिक आदानों को शुल्क मुक्त योजना के तहत शामिल करने से रोजगार बढ़ाने और निर्यात वृद्धि में मदद मिलेगी।

जालान ने कहा कि निर्यात शुल्क के मोर्चे पर, वेट ब्लू और क्रस्ट लेदर पर निर्यात शुल्क 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे देश से मूल्यवर्धित प्रसंस्कृत चमड़े के निर्यात में सुविधा होगी, क्योंकि वैश्विक बाजार में इनकी भारी मांग है।

क्रस्ट लेदर निर्यात शुल्क

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार क्रस्ट लेदर के लिए इस निर्यात शुल्क को हटा देगी, ताकि अगले 2-3 वर्षों में मूल्यवर्धित चमड़े के निर्यात को एक अरब डॉलर तक बढ़ाने के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके। हाई-टेक गियर्स लिमिटेड के चेयरमैन दीप कपूरिया ने कहा कि बजट में बहुत कम क्षेत्रों को छोड़कर मौजूदा आयात शुल्क दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। कपूरिया ने कहा कि सौर सेल और पैनल के निर्माण के लिए पूंजीगत वस्तुओं के साथ-साथ 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर आयात शुल्क को समाप्त करने और उसमें कटौती करने से न केवल अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को बल्कि रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष जैसे कई उच्च प्रौद्योगिकी रणनीतिक क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा।

विदेशी अधिग्रहण की सुविधा

केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल नानावती ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज मिशन घरेलू उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण और महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों के विदेशी अधिग्रहण की सुविधा प्रदान करेगा। नानावती ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उत्पादन क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा, लेकिन साथ ही बजट में 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क में पूरी तरह छूट देने और उनमें से दो पर मूल सीमा शुल्क कम करने का प्रस्ताव है।

स्टार्टअप कंपनी डब्ल्यूओसीई (वर्ल्ड ऑफ सर्कुलर इकनॉमी) के निदेशक अनूप गर्ग ने कहा कि सभी वर्ग के निवेशकों के लिए एंजल टैक्स को समाप्त करना एक स्वागतयोग्य कदम है, जो निश्चित रूप से स्टार्टअप में निवेश को बढ़ावा देगा। गर्ग ने कहा कि अधिकांश निवेशक अब समझदारी से आगे की सोच रखने वाली कंपनियों में निवेश करते हैं, खासकर वे जो पर्यावरण और मानव कल्याण पर विचार करती हैं।

कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

प्रदान के कार्यकारी निदेशक सरोज कुमार महापात्रा ने कहा कि बजट कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है महापात्रा ने कहा कि जलवायु-प्रतिरोधी फसल किस्मों पर केंद्रित कृषि अनुसंधान को प्राथमिकता देकर, इसका उद्देश्य भविष्य की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और मुद्रास्फीति के जोखिमों को कम करना है। (इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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