बजट 2026

Budget 2025: आजादी से कई दशक पहले इस अंग्रेज ने पेश किया था पहला बजट, 200 रु से कम इनकम वालों को दी गयी थी टैक्स से छूट

Budget 2025: इंडियन काउंसिल और समाचार पत्र द इकोनॉमिस्ट के फाउंडर जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल, 1860 को भारत का पहला केंद्रीय बजट पेश किया था। यह बजट 1857 के विद्रोह के बाद देश की वित्तीय प्रणाली में सुधार के लिए पेश किया गया था।

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जेम्स विल्सन ने पेश किया था पहला बजट

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • जेम्स विल्सन ने पेश किया था पहला बजट
  • अगस्त 1860 में पेश किया था बजट
  • इनकम टैक्स की हुई थी शुरुआत

Budget 2025: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाना है। बजट के लिए लॉक-इन अवधि शुक्रवार को पारंपरिक ‘हलवा’ समारोह के बाद शुरू हो गई। प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल में निर्मला सीतारमण का यह दूसरा पूर्ण बजट होगा और संसद में यह उनका आठवां बजट होगा। उन्होंने एनडीए के नेतृत्व वाली सरकार के लगातार कार्यकालों में छह वार्षिक और दो अंतरिम बजट पेश किए हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि आजादी से पहले किसने भारत का पहला बजट पेश किया था? आइए जानते हैं।

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इस शख्स ने पेश किया था पहला बजट

इंडियन काउंसिल और समाचार पत्र द इकोनॉमिस्ट के फाउंडर जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल, 1860 को भारत का पहला केंद्रीय बजट पेश किया था। यह बजट 1857 के विद्रोह के बाद देश की वित्तीय प्रणाली में सुधार के लिए पेश किया गया था।

विल्सन को क्यों भेजा गया था भारत

महारानी विक्टोरिया ने जेम्स विल्सन को भारत में एक मजबूत टैक्स फ्रेमवर्क तैयार करने और एक नई पेपर करेंसी शुरू करने के लिए भेजा था। ऐतिहासिक बजट में, विल्सन भारत में आयकर की अवधारणा को शुरू करने के लिए जिम्मेदार थे।

भारत के पहले बजट की प्रस्तुति के कुछ ही महीनों बाद अगस्त 1860 में कोलकाता में पेचिश के कारण जेम्स विल्सन की मृत्यु हो गई।

क्या थे विल्सन के फैसले

लेखक सब्यसाची भट्टाचार्य ने अपनी पुस्तक द फाइनेंशियल फाउंडेशन ऑफ द ब्रिटिश राज में उल्लेख किया है कि भारत में पहले लाइसेंस कर की शुरुआत विफल हो चुकी थी और डायरेक्ट टैक्स के आइडिया ने देश में अनिश्चितता पैदा कर दी थी।

विल्सन ने न केवल असफल लाइसेंस टैक्स को हटा दिया बल्कि इनकम टैक्स के ज्यादा प्रभावी वर्जन को पेश किया। अपने बजट में उन्होंने यह भी तय किया कि सालाना 200 रुपये से कम कमाने वाले व्यक्तियों को टैक्स का भुगतान करने से छूट दी जाएगी। अपनी कई सफल पहलों में से, विल्सन ने मासिक सरकारी खर्च की निगरानी के लिए ब्रिटिश मॉडल पर आधारित एक ऑडिटिंग सिस्टम शुरू किया।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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