बजट 2026

Rail Budget: रेलवे को लेकर बजट में होंगे कई बड़े ऐलान, कवच से लेकर वंदे स्लिपर ट्रेन पर फोकस

Budget For Railway: वित्‍त वर्ष 2024-25 के लिए करीब 25 अमृत भारत ट्रेन चलाए जाने का लक्ष्‍य है। इसके अलावा वंदे स्लिपर ट्रेन को लेकर ऐलान हो सकते हैं। और आधा दर्जन वंदे भारत ट्रेन लॉन्‍ग रूट का ऐलान हो सकता है।

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रेलवे बजट

Budget For Railway: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई में पेश होने वाले बजट में रेलवे को कई बड़े सौगात दे सकती है। इसके तहत पहले से ज्यादा बजट आवंटन और पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम में ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस हो सकता है। इसी तरह बढ़ते रेलवे हादसों को देखते हुए यात्री सुरक्षा को लेकर कई कदम उठा सकती है। इसमें कवच सेफ्टी सिस्‍टम पर रेलवे का फोकस रह सकता है। और रेलवे सुपर ऐप की तस्वीर भी साफ हो सकती है।

क्या है प्लान

ईटी नाउ स्वदेश की रिपोर्ट के अनुसार बजट में रेलवे के लिए Higher Allocation की उम्‍मीद की जा रही है। और ऐसी संभावना है कि करीब 3 लाख करोड़ रुपये के बजट का आवंटन हो सकता है। जबकि पिछले बजट में करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। इसी तरह पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम में ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस रहने की संभावना है।

वित्‍त वर्ष 2024-25 के लिए करीब 25 अमृत भारत ट्रेन चलाए जाने का लक्ष्‍य है। इसके अलावा वंदे स्लिपर ट्रेन को लेकर ऐलान हो सकते हैं। और आधा दर्जन वंदे भारत ट्रेन लॉन्‍ग रूट का ऐलान हो सकता है।

कवच को लेकर क्या है प्लान

रेलवे यात्री सुरक्षा को लेकर कवच सेफ्टी सिस्‍टम के विस्तार का ऐलान हो सकता है। इसके लिए करीब 4500 किलोमीटर रेल रूट नेटवर्क को कवच में कवर कर पाने पर ध्‍यान रहेगा। हर साल उसमें 3000 किलोमीटर का ट्रेक जोड़ा जा सके।

मालढुलाई की बात करें तो रेलवे कॉनकॉर में निवेश बढ़ाएगा। इसमें वैगन की संख्‍या बढ़ाने पर फोकस होगा। ताकि रेलवे की आमदनी बढ़ाइ जा सके। इसके साथ ही IRCTC का सुपर ऐप भी इसी साल आने की उम्‍मीद है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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