बजट 2026

Indian Economy: बजट और ट्रंप का दूसरा टर्म भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम, रेलवे, रक्षा, बिजली, डेटा सेंटर के ऑर्डरों में तेजी जारी

Indian Economy: इंस्टीट्यूशनल रिसर्च के निदेशक अमनीश अग्रवाल ने कहा, "हम रेलवे, रक्षा, बिजली, डेटा सेंटर आदि में ऑर्डर की गति में पहले से ही तेजी देख रहे हैं, जिसके क्रियान्वयन से वित्त वर्ष 2026 और उसके बाद विकास में तेजी आएगी।"

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भारतीय इकोनॉमी पर आई नई रिपोर्ट

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • भारतीय इकोनॉमी पर नई रिपोर्ट
  • बजट रहेगा अहम
  • कई सेक्टरों के लिए ऑर्डर में तेजी

Indian Economy: खाद्य मुद्रास्फीति के चरम पर पहुंचने और सरकार द्वारा कैपिटल एक्सपेंडिचर में तेजी लाने की कोशिशों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। आगामी केंद्रीय बजट और डोनाल्ड ट्रंप 2.0 बाजार में वापसी के लिए अहम हैं। सोमवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ग्रामीण मांग में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। पीएल कैपिटल ग्रुप प्रभुदास लीलाधर की रिपोर्ट के अनुसार, त्योहार और शादी के सीजन ने यात्रा, आभूषण, घड़ियां, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट, जूते, परिधान और ड्यूरेबल की मांग को बढ़ावा दिया है।

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इन सेक्टरों के ऑर्डर में तेजी

इंस्टीट्यूशनल रिसर्च के निदेशक अमनीश अग्रवाल ने कहा, "हम रेलवे, रक्षा, बिजली, डेटा सेंटर आदि में ऑर्डर की गति में पहले से ही तेजी देख रहे हैं, जिसके क्रियान्वयन से वित्त वर्ष 2026 और उसके बाद विकास में तेजी आएगी।"

उन्होंने कहा, "हमें अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को खर्च बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास के साथ ग्रोथ-ऑरिएंटेड बजट की उम्मीद है।"

रिटेल सेक्टर बड़े बदलाव की उम्मीद

रिटेल सेक्टर बड़े बदलाव के कगार पर है, क्योंकि क्विक कॉमर्स न केवल किराना बल्कि दूसरे सेगमेंट की गतिशीलता को भी बदल रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है, "हमारा मानना है कि विवेकाधीन सेगमेंट और फूड सर्विस में क्विक कॉमर्स का विस्तार संबंधित क्षेत्रों में निकट भविष्य में अड़चन पैदा कर सकता है और प्रॉफिटैबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।"

स्टील इंडस्ट्री के लिए क्या है अहम

रिपोर्ट के अनुसार, स्टील इंडस्ट्री आयात शुल्क और वैश्विक कीमतों के रुझान पर निर्भर है। आने वाली तिमाहियों में कैपिटल गुड्स और रक्षा में बेहतर ऑर्डरिंग एक्टिविटी देखने को मिलेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है, "वित्त वर्ष 2025 में टारगेट खर्च में संभावित चूक को देखते हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर की स्थिरता के लिए बजट महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, रक्षा, बिजली, डेटा सेंटर, रेलवे और एनर्जी ट्रांजिशन एक मजबूत विषय बने हुए हैं।"

रबी की अच्छी फसल की उम्मीद

जैसे-जैसे हम 2025 में प्रवेश कर रहे हैं, कृषि क्षेत्र में रबी की अच्छी फसल होने की संभावना है और सामान्य मौसम पैटर्न से वित्त वर्ष 2026 में मुद्रास्फीति को 4.3-4.7 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि फसल उत्पादन में वृद्धि और निर्माण/कारखाना एक्टिविटी में वृद्धि तथा मुद्रास्फीति में नरमी से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के अंत से मांग में तेजी आएगी। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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