Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को देश का आम बजट संसद में पेश करेंगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा। देश के तमाम सेक्टर्स इस बजट से अपनी-अपनी मांगें पूरी होने की उम्मीद लगाए हैं। बजट में सरकार बताती है कि वो कहां से कितना पैसा कमाएगी और कहां पर खर्च करेगी। उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं और इस बार उसका फोकस किस क्षेत्र में रहने वाला है। सरकार कहां से कमाती और कहां खर्च करती है, आइए पुराने बजट यानी 2023-24 के बजट से समझ लेते हैं।
2023-24 में सरकार ने अनुमान लगाया था कि वो कुल 45 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें से 27.16 लाख करोड़ रुपये टैक्स के जरिए जुटाएगी और बाकी के पैसे दूसरे सोर्स से आएंगे। सरकार ने यह भी बताया था कि वो कितना कर्ज लेगी और कर्ज चुकाने में कितना खर्च करेगी। बजट के पूरे हिसाब-किताब को एक रुपये से आसान भाषा में समझते हैं।
कहां से कमााई करती है सरकार
मान लीजिए सरकार एक रुपया कमाती है। इसमें से 34 पैसा कर्ज या उधार का होता है। 17 पैसे जीएसटी से आएगा, 15 पैसा इनकम टैक्स और 15 पैसा कॉरपोरेट टैक्स से खजाने में आएगा। इसके अलावा 7 पैसा एक्साइज ड्यूटी, 6 पैसा नॉन-टैक्स रेवेन्यू, 4 पैसा कस्टम ड्यूटी और 2 पैसा कैपिटल रिसिप्ट से आएगा।
कहां खर्च करती है सरकार
कमाए गए एक रुपये में से सरकार ने कहां कितना खर्च करने की योजना बनाई थी। इसे समझ लेते हैं। सरकार के अनुसार, एक रुपये में से 20 पैसा कर्ज लिए गए ब्याज के चुकाने में खर्च होगा। 18 पैसा राज्यों को टैक्स और ड्यूटी का हिस्सा देने में खर्च होगा। 17 पैसा केंद्र और 9 पैसा केंद्र स्पॉन्सर स्कीम के लिए खर्च होगा। इसके बाद 9 पैसा वित्त आयोग के खजाने में जाएगा। 8 पैसा डिफेंस, 7 पैसा सब्सिडी 4 पैसा पेंशन और 8 पैसे अन्य जगहों पर खर्च होंगे।
अंतरिम बजट संशोधित अनुमान 2023-24
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल संसद में अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर आउटले का संशोधित अनुमान 2023-24 और बजट अनुमान 2024-25 की रूपरेखा पेश की थी। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा था कि उधारों के अलावा कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 27.56 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें टैक्स प्राप्तियां 23.24 लाख करोड़ रुपये हैं। कुल एक्सपेंडिचर का संशोधित अनुमान 44.90 लाख करोड़ रुपये बताया था।
