बजट 2026

8th Pay Commission: 8 वें वेतन आयोग का गठन, पुरानी पेंशन स्कीम, आयकर छूट का बढ़े दायरा-वित्त मंत्री से श्रमिक संगठनों की मांग

8th Pay Commission: श्रमिक संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग की है। इसके अलावा नई पेंशन योजना को खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने के लिए भी कहा है। साथ ही खाने-पीने और दवाओं की कीमत घटाने की भी मांग की है।

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8 वें वेतन आयोग के गठन की मांग

Budget Expectations, 8th Pay Commission:सरकार को 8वें वेतन आयोग का गठन, वेतनभोगी वर्ग के लिए कर छूट में वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना की बहाली करनी चाहिए। श्रमिक संगठनों के नेताओं ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट पूर्व बैठक के दौरान यह मांग की है।श्रमिक संगठनों ने सरकार से सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को रोकने, नई पेंशन योजना को खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने के लिए भी कहा। साथ ही खाने-पीने और दवाओं की कीमत घटाने की भी मांग की है।

आयकर में मिले ये फायदा

संगठनों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि वेतनभोगी वर्ग के लिए उनके वेतन और ग्रैच्युटी पर आयकर छूट की अधिकतम सीमा को पर्याप्त रूप से बढ़ाना चाहिए। असंगठित श्रमिकों और कृषि श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना की जानी चाहिए, ताकि उन्हें न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह पेंशन और अन्य चिकित्सा, शैक्षिक लाभ आदि मिल सकें।इसके अलावा, उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में सभी मौजूदा रिक्तियों को तुरंत भरा जाना चाहिए और अनुबंध तथा आउटसोर्सिंग की प्रथा को रोकना चाहिए।

खाने-पीने और दवाओं की घटे कीमत

उन्होंने आगे कहा कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं और दवाओं पर जीएसटी के जरिये आम जनता पर बोझ डालने की जगह कॉरपोरेट कर, संपत्ति कर में वृद्धि और विरासत कर को लागू करना चाहिए।बैठक में इंटक, एआईटीयूसी, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी और यूटीयूसी सहित 12 मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने अलग से अपनी मांग के साथ एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मनरेगा का दायरा बढ़ाने और प्रत्येक परिवार को 200 दिन काम की गारंटी देने की मांग की। इसके अलावा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के कार्य को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से जोड़ने की बात भी कही गई।ज्ञापन के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के मानदंडों को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करना चाहिए।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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