Share Market India: उभरते बाजारों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने के साथ भारतीय शेयर बाजार (Share Market India) ने इस साल सितंबर में पहली बार 85,000 अंक का आंकड़ा पार किया। अब बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने अनुमान लगाया है कि इस तेजी के परिदृश्य में अगले साल के अंत तक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) ऐतिहासिक एक लाख के स्तर को पार कर सकता है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने पूर्वानुमान जताया है कि मजबूत आय वृद्धि और घरेलू पूंजी प्रवाह, व्यापक आर्थिक स्थिरता के समर्थन से सेंसेक्स 1,05,000 के स्तर पर पहुंच सकता है। जब सेंसेक्स ने 85 हजार का आंकड़ा पार किया था, तब देश के अर्थशास्त्रियों ने भी ऐसे ही पूर्वानुमान लगाए थे।
इस साल भी रिकॉर्ड ऊंचाई
इस साल 24 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) पहली बार 85,044 (रिकॉर्ड ऊंचाई) पर पहुंचा था। इसी दिन निफ्टी 30 अंक बढ़कर 25,969 पर पहुंच गया था। 50 शेयरों वाला यह इंडेक्स भी 25,975 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. मनोरंजन शर्मा ने आईएएनएस से कहा था, "सेंसेक्स इस साल या तो अगले साल की शुरुआत में 1 लाख अंक तक पहुंच जाएगा। यह एक हाई लेवल होगा, लेकिन भारत में निश्चित रूप से शेयर बाजार में तेजी का दौर है।"
दिसंबर की शुरुआत, एक्सपर्ट्स की राय
वहीं, दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए खरीदार बनने का रुख अपना रहे हैं। बाजार पर नजर रखने वालों ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद मजबूती बनी हुई है, इससे एफआईआई की लगातार बिकवाली का दौर खत्म हो गया है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, एफआईआई ने दिसंबर की शुरुआत सकारात्मक तरीके से की है, जिससे बाजार की धारणा को काफी बढ़ावा मिला है।
BSE का मार्केट कैप भी उछला
भारतीय शेयर बाजार में चल रही तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मार्केट कैप में भी शानदार बढ़ोतरी हुई है। बीएसई का मार्केट कैप एक बार फिर 450 लाख करोड़ रुपये के ऊपर निकल गया है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 4 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुके हैं। इस दौरान बीएसई का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ से भी ज्यादा बढ़ा है। मौजूदा समय में बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप 454 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है।
