गुरुग्राम के IFFCO चौक पर मंगलवार को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने से करीब 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर पुलिस ने प्रभावित हिस्से को बैरिकेड कर दिया। इस घटना से यू-टर्न फ्लाईओवर की ओर जाने वाले यातायात पर असर पड़ा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि GMDA अभी गड्ढे में जमा पानी को बाहर निकालने का काम कर रहा है। सीवर लाइन की मरम्मत के बाद ही सड़क की मरम्मत का काम शुरू होने की उम्मीद है। ऐहतियातन ट्रैफिक पुलिस ने उस इलाके की घेराबंदी कर दी है।
सीवर लाइन में रिसाव की संभावना
शुरुआती जांच में सड़क के नीचे से गुजर रही सीवर लाइन में संभावित रिसाव की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, रिसाव या पाइपलाइन में किसी तरह की क्षति के कारण मिट्टी का कटाव हुआ होगा और सड़क के नीचे खाली जगह बनने से यह हिस्सा धंस गया। NHAI के अनुसार, प्रभावित हिस्से के नीचे GMDA की मास्टर सीवर लाइन गुजर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद ही सड़क धंसने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। प्रभावित इलाके में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं और सीवर लाइन की स्थिति की जांच की जा रही है।
GMDA के एक अधिकारी के मुताबिक, यहां करीब 1,000 मिलीमीटर व्यास की मास्टर सीवर लाइन मौजूद है। क्षेत्र से पानी निकालने के लिए पंपिंग मशीनरी और अन्य उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पानी निकालने के बाद सीवर लाइन की जांच की जाएगी और नुकसान की स्थिति का आकलन करने के बाद मरम्मत के समय और तरीके पर फैसला लिया जाएगा।
यह पुरानी GMDA मास्टर सीवर लाइन है, जो सीवेज को बेहरामपुर ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाती है। अधिकारियों के अनुसार, इस लाइन का अभी तक CIPP यानी cured-in-place pipe तकनीक से पुनर्वास नहीं किया गया है। सड़क धंसने के कारण MG रोड और IFFCO चौक से दिल्ली या सुखराली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। प्रभावित हिस्से को बंद किए जाने के बाद दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सुखराली से यू-टर्न लेकर आगे बढ़ना पड़ रहा है।
IFFCO चौक पर पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं। वर्ष 2019 और अगस्त 2020 में भी यहां सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई थीं। वर्ष 2021 में भारी बारिश के बाद फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रही सीवरेज पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से IFFCO चौक फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल का एक हिस्सा भी गिर गया था। बाद में 2022 में संबंधित सीवर लाइन को शिफ्ट किया गया था।
