आम जनता की रसोई और सुबह के नाश्ते के बजट पर महंगाई की एक और बड़ी मार पड़ी है। पेट्रोल डीजल(Petrol Diesel) की कीमतें बढ़ने के साथ ही हाल ही में यानी 14 मई को दूध (Milk) की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके झटके से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि अब ब्रेड की कीमतों में भी भारी इजाफा हो गया है। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में ब्रेड बनाने वाली प्रमुख ब्रांडेड कंपनी 'मॉडर्न ब्रेड' (Bread) ने अपने ब्रेड पैकेट की कीमतों में ₹5 तक की बढ़ोतरी कर दी है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मॉडर्न ब्रेड के इस कदम के बाद ब्रिटानिया (Britannia) और विब्स (Wibs) जैसी अन्य बड़ी ब्रेड कंपनियां भी बहुत जल्द अपने दाम बढ़ा सकती हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
ब्रेड की कीमतों में अचानक आई इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ी वजह ब्रेड की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के कच्चे माल (प्लास्टिक पाउडर) की कीमतों का बढ़ना है। भारत में इस प्लास्टिक पाउडर का बड़े पैमाने पर आयात (Import) यानी विदेशों से मंगाया जाता है। आजकल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपये की कीमत में आ रही गिरावट के कारण इस कच्चे माल को आयात करना बहुत महंगा साबित हो रहा है। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की वजह से मालभाड़ा (Transportation Cost) काफी बढ़ गया है। ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने और ब्रेड में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स (यहाँ तक कि नमक) के महंगे होने से ब्रेड निर्माताओं की लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिसे अब ग्राहकों से वसूला जा रहा है।
ब्रेड पैकेट के नए रेट्स
अंधेरी, मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में मिल्क-ब्रेड स्टॉल चलाने वाले दुकानदारों के मुताबिक, ब्रेड की अलग-अलग वैरायटी पर कीमतें इस तरह बढ़ गई हैं:
- सैंडविच ब्रेड (400 ग्राम): इसकी कीमत पहले ₹40 थी, जो अब बढ़कर ₹45 हो गई है।
- होल व्हीट (आटा) ब्रेड: इसकी कीमत ₹55 से बढ़कर अब ₹60 प्रति पैकेट हो गई है।
- मल्टीग्रेन ब्रेड: इसके दाम ₹60 से बढ़ाकर सीधे ₹65 कर दिए गए हैं।
- ब्राउन ब्रेड: ब्राउन ब्रेड का पैकेट भी ₹45 की जगह अब ₹50 में मिल रहा है।
- व्हाइट ब्रेड और स्मॉल लोफ: छोटे साइज के व्हाइट ब्रेड पैकेट जो पहले ₹20 में मिलते थे, वो अब ₹22 के हो गए हैं, और छोटा ब्राउन ब्रेड पैकेट ₹28 से बढ़कर ₹30 का हो गया है।
छोटे बेकर्स भी हैं परेशान, दाम बढ़ाना मजबूरी
इस महंगाई से सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि छोटे बेकर्स भी जूझ रहे हैं। स्थानीय 'ब्रेडक्राफ्ट बेकरी' और 'क्वालिटी बेकर्स' के मालिकों का कहना है कि प्लास्टिक कैरी बैग और पैकेजिंग सामग्री, जो कि पेट्रोलियम आधारित उत्पाद हैं, बेहद महंगे हो चुके हैं। बेकर्स एसोसिएशन के सदस्यों के अनुसार, उत्पादन और डिलीवरी की बढ़ती लागत के बीच पुराने दामों पर ब्रेड बेचना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसलिए छोटी बेकरियों के लिए भी कीमतों में बढ़ोतरी करना अब अनिवार्य हो गया है।
आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी
सुबह के नाश्ते में चाय-ब्रेड या सैंडविच खाने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी काफी परेशान करने वाली है। ग्राहकों का कहना है कि पहले ब्रेड की कीमतों में ₹2 या ₹3 की बढ़ोतरी होती थी, जिससे लोग पहले ही चिंतित हो जाते थे। लेकिन यह पहली बार है जब कंपनियों ने सीधे ₹5 की एकमुश्त बढ़ोतरी कर दी है। दूध और ब्रेड जैसी बुनियादी चीजों के लगातार महंगे होने से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के मासिक बजट का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है।
