Boeing:दुनिया की दिग्गज विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing) गहरे संकट में घिरती दिख रही है। पिछले कुछ समय से कंपनी के विमानों के साथ हो रहे गंभीर हादसों के बीच कंपनी ने सीईओ डेव कैलहौन (Dave Calhoun) के साथ ही टॉप मैनेजमेंट को भी कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंपनी के अनुसार सीईओ डेव कैलहौन इस साल के अंत में अपना पद छोड़ देंगे। कैलहौन के अलावा बोर्ड के चेयरमैन लैरी केल्नर ने भी कहा है कि उनकी दोबारा अपनी उम्मीदवारी पेश करने की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा वाणिज्यिक हवाई जहाज इकाई के अध्यक्ष और सीईओ स्टेन डील कंपनी से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। हादसों को देखते हुए अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन ने कंपनी को गहन जांच के दायरे में रख दिया है।
इन हादसों से कंपनी पर उठे सवाल
असल में पिछले 5-6 साल में बोइंग के एयर प्लेन बड़े हादसे का शिकार हुए हैं। 29 अक्टूबर, 2018 को लायन एयर फ्लाइट 610 का बोइंग 737 मैक्स यात्री विमान हादसे का शिकार हुआ था। फिर मार्च, 2019 में इथियोपियन एयरलाइंस फ्लाइट 302 भी हादसे का शिकार बनी थी। इन हादसों में 346 लोगों की मौत हो गई थी।इन हादसों के कारण दुनियाभर में बोइंग 737 मैक्स यात्री विमानों पर मार्च 2019 से दिसंबर 2020 के बीच बैन लगा दिया गया था।
इसी तरह हाल ही में टेक ऑफ के थोड़ी देर बाद ही बोइंग 737 मैक्स विमान का दरवाजा फट गया था। जिसका वीडियो भी सामने आया था. उस समय बड़ा हादसा चालकों के सूझबूझ से टल गया था।
इन परिस्थितियों में साल 2020 में डेव कैलहौन ने सीईओ का पद संभाला था। उन्होंने यह भरोसा दिलाया था कि वे सबसे पहले सुरक्षा के लिए मजबूत उपाय करेंगे. लेकिन कुछ समय पहले हवा में फटे विमान के गेट के हादसे के बाद फिर बोइंग पर फिर सवाल उठने लगे।
कैलहौन के पहले डेनिस मुइलेनबर्ग कंपनी के सीईओ थे। जिन्हें एक स्कैंडल के कारण अपना पद छोड़ना पड़ा था।
साख पर उठ रहे सवाल
ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनियो में शामिल बोइंग की साख पर सवाल उठ रहे हैं। और जिस तरह से और डेव कैलहौन, बोर्ड के चेयरमैन लैरी केल्नर और वाणिज्यिक हवाई जहाज इकाई के अध्यक्ष और सीईओ स्टेन डील को कंपनी से बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उससे साफ है कि कंपनी में टॉप लेवल पर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं और इसके बाद सेकंड लेयर पर भी गाज गिर सकती है।
