US China trade war effect on crypto: पिछले कुछ हफ्तों से वैश्विक बाजारों में जबरदस्त चिंता का माहौल है। अमेरिका द्वारा वैश्विक टैरिफ्स बढ़ाने और संभावित ट्रेड वॉर के चलते कई इंडस्ट्रीज़ संकट में हैं, लेकिन सबसे बड़ा झटका शायद क्रिप्टोकरेंसी को लग सकता है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि बिटकॉइन की कीमतें 40,000 डॉलर तक गिर सकती हैं, क्योंकि चीन बड़े पैमाने पर BTC बेच रहा है।
चीन की बिकवाली से बिगड़ सकता है बिटकॉइन का भविष्य
2025 में बिटकॉइन की परफॉर्मेंस पहले से ही कमजोर रही है, और अब चीन द्वारा की जा रही बिक्री इसे और नीचे खींच सकती है। पिछले एक महीने में BTC $85,000 का स्तर पार नहीं कर पाया है, और हाल के घटनाक्रम इसे और नीचे खींच सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन अब तक $400 मिलियन से ज्यादा के बिटकॉइन लिक्विडेट कर चुका है, और यह सिर्फ शुरुआत है।
BTC बिकवाली: क्या बिटकॉइन है ट्रेड वॉर का अगला निशाना?
हाल ही में एक क्रिप्टो विशेषज्ञ ने X (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया कि बिटकॉइन को लेकर चीन की आक्रामक रणनीति इसे $40,000 के स्तर तक गिरा सकती है। इस संदर्भ में यह भी बताया गया कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टकराव से क्रिप्टो और US स्टॉक मार्केट दोनों दबाव में हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सौदे को लेकर भरोसा जताया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
BTC होल्डिंग में चीन दूसरे नंबर पर, हो सकता है बड़ा नुकसान
Binance के अनुसार, चीन बिटकॉइन का दूसरा सबसे बड़ा होल्डर है, अमेरिका के बाद। ऐसे में यदि चीन अपनी होल्डिंग्स बेचना जारी रखता है, तो इसका असर न सिर्फ बिटकॉइन पर, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा, जो अब BTC को अपनी अर्थव्यवस्था में इंटीग्रेट करने की कोशिश कर रही है।
निष्कर्ष
बिटकॉइन की कीमतों में भारी गिरावट की आशंका है, और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण चीन की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल तनाव है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह क्रिप्टो मार्केट के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर क्रिप्टोकरेंसी की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। क्रिप्टोकरेंसी में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
