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Biocon QIP Issue: Biocon ने लॉन्च किया QIP इश्यू, जानें क्या है होता Qualified Institutional Placement, कैसे होता है निवेशकों को फायदा

Biocon QIP Issue: बीएसई 200 इंडेक्स में शामिल फार्मास्यूटिकल्स कंपनी बायोकॉन लिमिटेड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च कर दिया है। बायोकॉन ने सोमवार (16 जून) को एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए कहा कि फंड जुटाने वाली समिति ने क्यूआईपी के लिए फ्लोर प्राइस तय कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में, बायोकॉन के बोर्ड ने सिक्योरिटीज जारी करके फंड जुटाने को मंजूरी दी थी।

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Biocon ने लॉन्च किया QIP इश्यू

KEY HIGHLIGHTS
  • Biocon ने पेश किया QIP इश्यू
  • तय कर लिया फ्लोर प्राइस
  • शेयर में दिख ही तेजी

Biocon QIP Issue: बीएसई 200 इंडेक्स में शामिल फार्मास्यूटिकल्स कंपनी बायोकॉन लिमिटेड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च कर दिया है। बायोकॉन ने सोमवार (16 जून) को एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए कहा कि फंड जुटाने वाली समिति ने क्यूआईपी के लिए फ्लोर प्राइस तय कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में, बायोकॉन के बोर्ड ने सिक्योरिटीज जारी करके फंड जुटाने को मंजूरी दी थी।

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कितना है फ्लोर प्राइस

फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि वह क्यूआईपी के जरिए 4,500 करोड़ रुपये जुटाएगी। बायोकॉन ने कहा कि इसने अपने क्यूआईपी के लिए 340.2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। जबकि इसका शेयर कल BSE पर 357.30 रु पर बंद हुआ था और आज 353 रु पर खुलकर 12 बजे 4 रु या 1.12 फीसदी की मजबूती के साथ 361.30 रु पर है।

फाइलिंग में यह भी कहा गया है कि कंपनी QIP इश्यू के लिए फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत से अधिक की छूट नहीं दे सकती है।

क्या होता है QIP

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत भारत में कोई सूचीबद्ध कंपनी (लिस्टेड कंपनी) अपने शेयरों को सीधे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को बेचकर पूंजी जुटाती है।

QIBs में म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI), बैंक, और पेंशन फंड जैसे बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। यह प्रक्रिया सेबी (Securities and Exchange Board of India) के दिशानिर्देशों के तहत होती है और इसका मुख्य उद्देश्य कंपनियों को तेजी से और कम लागत पर पूंजी जुटाने में मदद करना है।

आम निवेशक नहीं ले सकते हिस्सा

ये सुविधा आम निवेशकों के लिए नहीं होती। इसमें इंस्टीट्यूशनल बायर्स हिस्सा लेते हैं, जिन्हें कंपनी मौजूदा मार्केट रेट के मुकाबले कम भाव पर शेयर बेचती है। इससे उन्हें फायदा मिलता है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर QIP इश्यू की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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