बिजनेस

BioE3 policy: आने वाली है 'जैव-क्रांति', जानें केंद्र की नई BioE3 नीति क्या है?

What is Bio E3 policy: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्च प्रदर्शन वाले जैव विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि "जल्द ही एक जैव क्रांति होगी।"

Image

बायो फ्यूल।

What is Bio E3 policy: जिस तरह औद्योगिक क्रांति और आईटी क्रांति हुई थी, वैसे ही जल्द ही बायो क्रांति भी होगी। इसके लिए एक अच्छे नीतिगत ढांचे की आवश्यकता थी - अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी - जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।" हाल ही में कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने यह जानकारी दी है।

बायो E3 नीति क्या है

कैबिनेट मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बायोई3 नीति मुख्य रूप से निम्नलिखित रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है। जिसमें हाई प्राइस वाले जैव-आधारित रसायन, बायोपॉलिमर और एंजाइम; स्मार्ट प्रोटीन और कार्यात्मक खाद्य पदार्थ; सटीक जैव चिकित्सा; जलवायु-लचीली कृषि; कार्बन कैप्चर और इसका उपयोग; समुद्री और अंतरिक्ष अनुसंधान शामिली है।

बायो ई3 की विशेषताएं

बायोई3 नीति के प्रमुख पहलुओं में विभिन्न विषयगत क्षेत्रों में नवाचार-संचालित अनुसंधान एवं विकास तथा उद्यमशीलता को समर्थन देना शामिल है।

इससे बायोमैन्युफैक्चरिंग एवं बायो-एआई हब और बायोफाउंड्री की स्थापना के माध्यम से प्रौद्योगिकी के विकास और व्यावसायीकरण में तेजी आएगी।

सामान्य तौर पर, यह नीति सरकार की 'नेट जीरो' कार्बन अर्थव्यवस्था और 'पर्यावरण के लिए जीवनशैली' जैसी पहलों को बढ़ावा देगी और 'सर्कुलर बायोइकोनॉमी' को प्रोत्साहित करके भारत को त्वरित 'हरित विकास' की ओर ले जाएगी।

बायोई3 नीति एक उन्नत भविष्य का पोषण करेगी जो अधिक टिकाऊ, नवीन और वैश्विक चुनौतियों के प्रति उत्तरदायी होगा तथा विकसित भारत के लिए जैव-दृष्टिकोण निर्धारित करेगा।

हाई परफॉर्मेंस बायो मैन्युफैक्चरिंग क्या है?

हाई परफॉर्मेंस बायो मैन्युफैक्चरिंग में दवा से लेकर सामग्री तक के उत्पादों का उत्पादन, खेती और खाद्य चुनौतियों से निपटना और उन्नत जैव प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं के एकीकरण के माध्यम से जैव-आधारित उत्पादों के विनिर्माण को बढ़ावा देना शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी क्रांति से जैव-प्रौद्योगिकी और जैव-विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article