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Axis Bank Results: जून तिमाही में 22% बढ़ा मुनाफा, 7,632 करोड़ रुपये रहा शुद्ध लाभ

बैंक ने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में कॉरपोरेट लोन में 38 प्रतिशत की तेज वृद्धि हुई, जिसने कुल ऋण वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दिया। वहीं, खुदरा (रिटेल) ऋण में केवल 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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इस तिमाही में बैंक के ऋण वितरण में 19 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी रही। (फोटो क्रेडिट-iStock)

निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 22.23 प्रतिशत बढ़कर 7,632.31 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा 6,243.72 करोड़ रुपये था। वहीं, यदि केवल बैंक के मुख्य बैंकिंग कारोबार की बात करें, तो उसका स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ भी 23 प्रतिशत बढ़कर 7,114 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह प्रदर्शन बैंक के मजबूत ऋण वितरण और बेहतर परिचालन क्षमता को दर्शाता है।

बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income - NII), जो ऋण पर अर्जित ब्याज और जमा पर दिए गए ब्याज के अंतर को दर्शाती है, 8 प्रतिशत बढ़कर 14,646 करोड़ रुपये रही। इस वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण बैंक के कुल ऋण वितरण (Loan Book) में 19 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी रही। खासकर कॉरपोरेट क्षेत्र में ऋण की मांग बढ़ने से बैंक की ब्याज आय को अच्छा समर्थन मिला।

एनआईएम में गिरावट

हालांकि, बैंक के लिए एक चिंता का विषय शुद्ध ब्याज मार्जिन (Net Interest Margin - NIM) रहा। यह घटकर 3.46 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 3.80 प्रतिशत और मार्च 2026 तिमाही में 3.73 प्रतिशत था। एनआईएम में गिरावट का मतलब है कि बैंक को अपने ऋणों पर मिलने वाला ब्याज और जमा पर चुकाए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर पहले की तुलना में कम हुआ है। यह आमतौर पर बढ़ती फंडिंग लागत और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों का असर माना जाता है।

ऋण वृद्धि के लिहाज से बैंक का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कॉरपोरेट लोन में 38 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसने कुल ऋण वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दिया। इसके विपरीत, रिटेल (खुदरा) ऋण में केवल 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे स्पष्ट है कि इस तिमाही में बैंक की वृद्धि मुख्य रूप से बड़े उद्योगों और कंपनियों को दिए गए कर्ज के कारण हुई।

गैर-ब्याज आय में 7 प्रतिशत की गिरावट

दूसरी ओर, बैंक की गैर-ब्याज आय में 7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 6,735 करोड़ रुपये रह गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 7,258 करोड़ रुपये थी। इस गिरावट का प्रमुख कारण ट्रेडिंग आय (Trading Income) में 62 प्रतिशत की बड़ी कमी रही। बाजार की परिस्थितियों और निवेश गतिविधियों में कमी का असर इस आय पर देखने को मिला।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक का सकल एनपीए (Gross NPA) मामूली बढ़कर 1.28 प्रतिशत हो गया, जो मार्च 2026 तिमाही में 1.23 प्रतिशत था। हालांकि, यह स्तर अभी भी नियंत्रित माना जा सकता है। सकारात्मक पहलू यह रहा कि बैंक ने खराब ऋणों के लिए किए जाने वाले प्रावधान (Provisions) को काफी कम कर दिया। अप्रैल-जून तिमाही में प्रावधान 2,223 करोड़ रुपये रहे, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 3,948 करोड़ रुपये था। कम प्रावधान का सीधा लाभ बैंक के मुनाफे में देखने को मिला।

कुल मिलाकर, एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत लाभ, बेहतर ऋण वृद्धि और नियंत्रित प्रावधानों के दम पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। हालांकि, एनआईएम में गिरावट और गैर-ब्याज आय में कमी ऐसे संकेत हैं जिन पर आने वाली तिमाहियों में बैंक और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

(इनपुट-भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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