देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें बैंक ने उम्मीद के मुताबिक एक बेहद मजबूत और शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही के दौरान एचडीएफसी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर (YoY) करीब 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 19,059.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 18,172.9 करोड़ रुपये रहा था। बैंक के इस मुनाफे में आई जबर्दस्त उछाल ने भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों के बीच एक सकारात्मक माहौल बना दिया है। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर अगर तुलना की जाए, तो मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के 16,511.85 करोड़ रुपये के मुकाबले बैंक के शुद्ध लाभ में लगभग 15.42 प्रतिशत की एक बहुत ही शानदार और बड़ी वृद्धि देखी गई है, जो बैंक की मजबूत लोन ग्रोथ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को साफ तौर पर दर्शाती है।
इनकम और मार्जिन का हाल
बैंकिंग कामकाज के मुख्य मोर्चे पर बात करें तो एचडीएफसी बैंक की शुद्ध ब्याज आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो कि बैंक द्वारा कर्ज पर कमाए गए ब्याज और जमा पर दिए गए ब्याज का अंतर होती है, उसमें भी सालाना आधार पर 7.2 प्रतिशत की एक अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस पहली तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय बढ़कर 31,880 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल की समान अवधि में 29,730 करोड़ रुपये थी। हालांकि, बैंक का कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल संपत्तियों पर 3.47 प्रतिशत रहा, जबकि अर्निंग एसेट्स के आधार पर यह 3.66 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसके अलावा, समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की कुल आय (Total Income) भी बढ़कर 81,189.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी दौरान 72,508.31 करोड़ रुपये थी। बैंक के परिचालन लाभ (Operating Profit) में भी मजबूती देखी गई है और यह सालाना आधार पर करीब 6.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,561 करोड़ रुपये हो गया है, जिसने बैंक की कोर अर्निंग कैपेसिटी को और मजबूत किया है।
कितना बढ़ा NPA?
संपत्ति की गुणवत्ता यानी एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी देश के इस बैंकिंग दिग्गज ने अपने प्रदर्शन को काफी हद तक स्थिर और सुरक्षित बनाए रखा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एचडीएफसी बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (Gross NPA) मामूली बढ़त के साथ 1.33 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछली तिमाही (Q4 FY26) में 1.24 प्रतिशत पर था। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) भी पिछली तिमाही के 0.33 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 0.39 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
बैंक ने इस तिमाही के लिए कुल 2,602 करोड़ रुपये का प्रोविजन (प्रावधान) किया है, जिसमें 380 करोड़ रुपये के राइट-ऑफ शामिल हैं। क्रेडिट कॉस्ट के मोर्चे पर बैंक ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया है, जिससे प्रोविजनिंग का कुल दबाव काफी कम रहा है। तिमाही के दौरान बैंक के कुल एडवांस (दिए गए लोन) सालाना आधार पर 52.6 प्रतिशत बढ़कर 24.87 लाख करोड़ रुपये हो गए, जबकि बैंक में जमा कुल डिपॉजिट्स (जमा राशि) भी 24.4 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 23.79 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गए हैं, जो बैंक के प्रति ग्राहकों के अटूट भरोसे को बयां करता है।
