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बिहार में लगे 31 लाख स्मार्ट मीटर, एक दिन में रिकॉर्ड ऑनलाइन रिचार्ज

Smart Meter Scheme of Bihar: एक ही दिन में कुल 3 लाख 83 हजार उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन रिचार्ज किया और इस माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। स्मार्ट मीटर परियोजना को 2019 में शुरू किया गया था। राज्य में अब तक करीब 31 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

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बिहार स्मार्ट मीटर स्कीम

Smart Meter Scheme of Bihar:उत्तर बिहार के बिजली उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन रिचार्ज का नया रिकॉर्ड बनाया है। बीते 16 अक्टूबर को एक ही दिन में कुल 3 लाख 83 हजार उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन रिचार्ज किया और इसके जरिए लगभग 11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पहली बार है कि एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन रिचार्ज के माध्यम से भुगतान किया है। इससे पहले 18 सितम्बर,2024 को 333,763 ट्रांजेक्शन के जरिये सर्वाधिक 7.58 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया था।

दोबारा कनेक्शन में भी तेजी

रिकॉर्ड रिचार्ज ट्रांजेक्शन के अलावा कल पुनः कनेक्शन में भी लोगों की भागीदारी बढ़ी है। 396,688 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए, जिनमें से 311,910 उपभोक्ताओं को उसी दिन जोड़ दिया गया। अक्टूबर 2024 के लिए औसत दैनिक राजस्व 2.73 करोड़ रुपये रहा। जो राजस्व प्रवाह और उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने में डिजिटल सेवाओं के महत्व को दिखाता है।

उत्तर बिहार विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशकनीलेश देवरे, ने एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार ऑनलाइन सेवाओं को सरल और सुगम बनाया जा रहा है। इस प्रकार की रिकॉर्ड रिचार्ज संख्या से स्पष्ट है कि उपभोक्ता डिजिटल माध्यमों को अपनाकर बिलिंग और शुल्क जमा करने में आ रही समस्याओं से निजात पा रहे हैं।

क्या है स्मार्ट मीटर परियोजना

बिहार में बिजली वितरण को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर परियोजना को 2019 में शुरू किया गया था। राज्य में अब तक करीब 31 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा उत्तर बिहार विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आता है। इस परियोजना के तहत राज्यभर में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य 2025 तक पूरा करने की योजना है। स्मार्ट मीटर और डिजिटल भुगतान विकल्पों के विस्तार से उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिली है। पहले उपभोक्ताओं को बिलिंग में देरी, गलत रीडिंग और समय पर भुगतान न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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