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Risk Free:अगर आपके पास है पैसा, तो ज्यादा कमाई का आया बेस्ट टाइम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 8, 2023, 01:26 PM IST

FD Rate, RBI Repo Rate Hike: मई 2002 में जब आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाया तो उसके पहले वह 4.0 फीसदी के स्तर पर था। और उस समय कर्ज भी बेहद सस्ता था और होम लोन की औसत ब्याज दरें 7.0 फीसदी पर थी। इसी तरह एफडी पर ब्याज दो दशक के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

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एफडी की बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

Photo : BCCL

FD Rate, RBI Repo Rate Hike:आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है। इससे लोन लेने वाले ग्राहकों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी है। लेकिन इस मायूसी में उन लोगों को फायदा होने की उम्मीद है, जो पैसा निवेश करने में सक्षम हैं। ऐसा इसलिए है कि रेपो रेट बढ़ने के बाद से एक बार फिर एफडी के रेट बढ़ने की संभावना बन गई है।

क्योंकि मई 2022 से आरबीआई ने अभी तक 2.50 फीसदी रेपो रेट बढ़ा दिया है। जबकि इस अवधि में अभी तक बैंकों ने अधिकम 1.65 फीसदी तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। ऐसे में अभी भी एफडी रेट में बढ़ोतरी की गुंजाइश है। जिसका फायदा वह लोग उठा सकते हैं, जो कहीं निवेश करने की सोच रहे हैं। खास तौर से इसका फायदा उन्हें मिलेगा जो लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए सोच रहे हैं।

एक साल पहले दो दशक के निचले स्तर पर थे FD रेट

मई 2002 में जब आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाया तो उसके पहले वह 4.0 फीसदी के स्तर पर था। और उस समय कर्ज भी बेहद सस्ता था और होम लोन की औसत ब्याज दरें 7.0 फीसदी पर थी। इसी तरह एफडी पर ब्याज दो दशक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और कोरोना के बाद से बढ़ती महंगाई ने पूरे समीकरण बिगाड़ दिए। जिसका असर यह हुआ कि दुनिया भर में महंगाई बढ़ी और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। हालात यह हुए कि भारत में महंगाई दर 7.5 फीसदी के स्तर पहुंच गई। और इसी वजह से जहां कर्ज महंगा होने का चक्र शुरू हुआ, वहीं एफडी के रेट भी बढ़ने शुरू हुए।

एक अप्रैल से महिलाओं को 7.5 फीसदी ब्याज

बजट 2023 में महिला सम्मान बचत पत्र का ऐलान किया गया है। इसके तहत महिला, लड़कियों के नाम महिला निवेश पर 7.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। हालांकि इसके तहत अधिकतम 2 लाख रुपये का निवेश किया जा सकेगा। जो कि 2 साल की अवधि के लिए होगा।

इसी तरह पोस्ट ऑफिस की जमाओं में एफडी पर अधिकतम 7 फीसदी और बैंकों की जमाओं पर अभी अधिकतम 7.50 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक 8 फीसदी तक एफडी पर ब्याज दे रहे हैं।

बढ़ने की संभावना क्यों

एक तो अभी भी 10 साल की सरकारी प्रतिभूति के रेट 7.30 फीसदी के रेट पर बने हुए हैं। और ऐसी संभवाना है कि इसमें अभी भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। साथ ही बैंकों के पास रेपो रेट में हुए बढ़ोतरी की तुलना में एफडी रेट बढ़ाने की अभी भी गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में बैंक आसानी से एफडी रेट बढ़ा सकते हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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