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Warren Buffett की तरह बनने के लिए करोड़ों नहीं, निवेश के ये 5 नियम जानना जरूरी

अगर आप सफल निवेशक बनना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों की जरूर जानकारी होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आप निवेश तो करेंगे लेकिन बेहतर रिटर्न नहीं ले पाएंगे।

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निवेश के नियम

जब भी सफल निवेशकों की चर्चा होती है तो दुनिया में सबसे पहला नाम दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे का आता है। वॉरेन बफे ने दुनिया को इन्वेस्टिंग का गुड़ सीखया है। इसलिए हर छोटा से बड़ा निवेशक वॉरेन बफे जैसा बनना चाहता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। हालांकि, कुछ बातों की जानकारी लेकर सफल निवेशक जरूर बना जा सकता है। अगर आप भी एक सफल निवेशक बनना चाहते हैं तो आपको कम से कम फाइनेंस की दुनिया के 5 फॉर्मूला जरूर जान लेनी चाहिए। आइए आपको उन नियमों से रूबरू कराते हैं।

100 का रूल

अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं तो आपको '100 का रूल' जरूर पता होना चाहिए। '100 का रूल' आपके शेयरों में पैसा लगाने (हिस्सेदारी तय करने) का एक आसान तरीका है। शेयरों में निवेश का प्रतिशत जानने के लिए 100 में से अपनी उम्र घटाएं। उदाहरण के लिए, 45 साल की उम्र में यह फॉर्मूला इक्विटी निवेश में 60% निवेश करने और बाकी 35% हिस्सा रिस्क फ्री निवेश माध्यमों में लगाने की सलाह देता है।

72 का रूल

'72 का रूल' यह अंदाजा लगाने में मदद करता है कि किसी निवेश को दोगुना होने में कितना समय लगेगा। उदाहरण के लिए अगर सालाना रिटर्न लगातार 8% तो आपका पैसा डबल होने में करीब 9 साल लगेंगे। रिटर्न जानने के लिए आपको 72 को सालाना रिटर्न से भाग देना होता है।

50/30/20 का रूल

50/30/20 रूल आपकी महीने की कमाई को खर्च और निवेश में बांटने में मदद करता है। इस नियम के अनुसार अपनी सैलरी का 50% हिस्सा जरूरतों, जैसे कि किराया, राशन और बिलों के लिए रखें। 30% हिस्सा अपनी इच्छाओं, जैसे बाहर घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए रखें। बाकी 20% हिस्सा निवेश करें। अगर आपकी मंथली सैलरी ₹50,000 है तो खर्च के लिए ₹25,000, घूमने-फिरने के लिए ₹15,000 और ₹10,000 निवेश के लिए रखें।

रिटायरमेंट की तैयारी आज से करें

अगर आपने अभी तक रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू नहीं किया है तो इसे और टालना ठीक नहीं है। रिटायरमेंट ऐसा लक्ष्य है जिसके लिए लंबे समय तक नियमित निवेश करने से कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की वित्तीय स्थिति अलग होती है। इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ एक प्रोडक्ट पर निर्भर रहने के बजाय उम्र, रिटायरमेंट की जरूरत, महंगाई, जोखिम क्षमता और रिटायरमेंट के बाद होने वाले खर्च को भी ध्यान में रखना चाहिए।

निवेश में डायवर्सिफिकेशन जरूर रखें

अपना पूरा पैसा एक ही एसेट क्लास में लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट में निवेश करने से पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें। शेयर, एफडी, गोल्ड ETF, PPF, Sukanya Samriddhi Yojana, अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है और आप पात्रता शर्तें पूरी करते हैं तो निवेश करें। इन सभी निवेशों की प्रकृति और उद्देश्य अलग-अलग हैं। इसलिए किसी विकल्प को सिर्फ इसलिए न चुनें क्योंकि वह दूसरे विकल्प से ज्यादा रिटर्न दे रहा है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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