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इन बैंकों ने कर्ज किया सस्ता, होम लोन ट्रांसफर करने से पहले जान लें ये बातें

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 21, 2023, 03:11 PM IST

How to Transfer Home Loan: लोन ट्रांसफर करते समय यह भी देखना चाहिए कि आपकी लोन राशि कितनी बची हुई है। क्योंकि अगर लोन की राशि कम बची है और अवधि भी कम बची हुई है, तो यह हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता है।

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होम लोन ट्रांसफर करने का क्या है प्रॉसेस

How to Transfer Home Loan:महंगे ब्याज दरों के दौर में जब सभी बैंक अपने कर्ज सस्ता कर रहे हैं, ऐसे में अगर कोई बैंक सस्ते होम लोना का ऑफर दे तो यह राहत की खबर हो सकती है। इस समय 31 मार्च तक देश के कई बैंकों ने सस्ते होम लोन स्कीम को लांच किया है। इसके तहत बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने कम रेट वाली होम लोन स्कीम लांच की है। इसके तहत दोनों बैंक नए ग्राहकों को सस्ती दर पर होम लोन दे रहे हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र इस समय 8.40 फीसदी और बैंक ऑफ बड़ौदा 8.50 फीसदी के रेट पर होम लोन दे रहा है।

हालांकि यह सुविधा नए ग्राहकों को ही मिल रहे हैं। लेकिन पुरान होम लोन कस्टमर भी अपने होम लोन ट्रांसफर करने का विकल्प तलाश सकते हैं। इसमें वह उनके मौजूदा होम लोन रेट और दूसरे बैंकों के रेट से तुलना कर सकते हैं। और अगर दूसरे बैंक का कर्ज सस्ता है, और वह लोन ट्रांसफर का विकल्प दे रहे हैं, तो यह ईएमआई पर राहत का अच्छा मौका हो सकता है।

ट्रांसफर करने से पहले चेक कर लें नफा-नुकसान

होम लोन ट्रांसफर करने से पहले हमेशा इस बात की पड़ताल कर लेनी चाहिए कि उसका क्या फायदा मिलेगा। क्योंकि लोन ट्रांसफर करते समय ब्याज के साथ-साथ लोन की अवधि, बैलेंस अमाउंट, प्रोसेसिंग फीस, क्रेडिट स्कोर आदि मायने रखते हैं।

लोन ट्रांसफर करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि न केवल आपकी आईएमआई घटेगी, बल्कि आप लोन पर कम ब्याज चुकाना होगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ब्याज दरों कम हो जाएगी। इसके अलावा कम ब्याज देने से सेविंग भी बढ़ेगी।

वहीं लोन ट्रांसफर करते समय यह भी देखना चाहिए कि आपकी लोन राशि कितनी बची हुई है। क्योंकि अगर लोन की राशि कम बची है और अवधि भी कम बची हुई है, तो ईएमआई में बड़ी राशि प्रिंसिपल अमाउंट के रुप में होती है और ब्याज की राशि कम होती है। ऐसे में प्रोसेसिंग फीस देकर लोन ट्रांसफर करना का सौदा बहुत फायदेमंद नहीं हो सकता है। इसलिए यह कैलकुलेशन करना बेहद जरुरी है।

दूसरी अहम बात यह है कि अगर आपके लोन की राशि ज्यादा है और उसकी अवधि लंबी है, तो कम ब्याज दर पर लोन ट्रांसफर करना हमेशा फायदे का सौदा होता है। साफ ही लोन ट्रांसफर करते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए आपको प्रीसेसिंग फीस भी चुकानी पड़ेगी।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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