पीएनबी बैंक से फ्रॉड करने वाला नीरव मोदी अभी भी लंदन में है। हालांकि प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ाई को वो लंदन में हार चुका है। बता दें कि पीएमएलए के तहत उसके खिलाफ केस चल रहा है। इन सबके बीच दो बैंकों ने एनसीलीटी में कहा के वे नीरव मोदी के खाते से पैसों को रिलीज कर पाने में लाचार हैं। बता दें कि अदालत ने नीरव मोदी के फर्म फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड से पैसों की निकासी के आदेश दिए हैं। एनसीएलटी द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर ने कहा कि तीन बैंकों ने कहा कि वो 37 करोड़ की रकम रिलीज कर पाने में असमर्थ हैं। अक्टूबर में दायर हलफनामे के मुताबिक फायरस्टार का कोटक महिंद्रा में 2.67 करोड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 17.98 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 16.32 करोड़ जमा हैं।
एनसीएलटी ने दिया था आदेश
13 अगस्त 2021 को अदालत ने इन बैंकों को आदेश दिया था कि वो लिक्विडेटर के पक्ष में भुगतान करें। जब इस संबंध में रकम हासिल करने के लिए अधिकारी संबंधित बैंकों में पहुंचे तो बैंकों ने इनकार कर दिया। कोटक महिंद्रा का कहना है कि फर्म का खाता पहले इनकम टैक्स और उसके एक दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय से अटैच कर लिया। बता दें कि ये दोनों एजेंसिया नीरव मोदी के गड़बड़झाले की जांच कर रही हैं। अदालत में लिक्विडेटर ने कहा कि 21 फरवरी 2019 को इनकम टैक्स ने नोटिस जारी कर भुगतान करने का आदेश दिया था।
23 फरवरी को फैसला
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अपने जवाब में कहा कि फर्म के क्रेडिट बैलेंस में रखी गई धनराशि को एक ऋण खाते के विरुद्ध समायोजित किया गया था।यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को अभी अपना जवाब दाखिल करना है। लिक्विडेटर ने तर्क दिया था कि बैंकों को अदालत की अनुमति के बिना फर्म के खातों में पड़े धन को छूना नहीं चाहिए था।विशेष अदालत ने मामले को 23 फरवरी को आदेश पारित करने की तारीख मुकर्रर की है।
