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Loan लेने वालों को बड़ा झटका! इन दो बैंकों ने बढ़ा दी ब्याज दरें; अब और महंगी होगी EMI

Canara Bank और Bank of Baroda ने अपने ग्राहकों के लिए MCLR में बढ़ोतरी कर दी है। ब्याज दर महंगी होने का मतलब है कि ग्राहकों की लोन ईएमआई बढ़ जाएगी।

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केनरा बैंक (Photo: iStock)

अगर आपका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) से जुड़ा हुआ है तो यह खबर आपके लिए और भी जरूरी हो जाती है। सार्वजनिक क्षेत्र के दो बड़े बैंक Canara Bank और Bank of Baroda ने अपनी कुछ अवधि (tenure) के MCLR में बढ़ोतरी की है। नई दरें 12 जून 2026 से लागू हो गई हैं। इस बदलाव का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनके लोन MCLR आधारित फ्लोटिंग ब्याज दर पर चल रहे हैं।

क्या होती है MCLR?

MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर कोई बैंक ग्राहकों को लोन दे सकता है। जब बैंक MCLR बढ़ाते हैं, तो उससे जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन महंगे होने और भविष्य में EMI बढ़ने की संभावना रहती है।

Canara Bank ने किन दरों में किया बदलाव?

Canara Bank ने अपनी शॉर्ट-टर्म एमसीएलआर में 5 बेसिस पॉइंट (0.05%) की बढ़ोतरी की है। बैंक की ओवरनाइट MCLR 7.90% से बढ़कर 7.95% हो गई है। वहीं 1 महीने की MCLR 7.95% से बढ़कर 8.00%, 3 महीने की MCLR 8.20% से बढ़कर 8.25% और 6 महीने की MCLR 8.55% से बढ़कर 8.60% कर दी गई है। हालांकि 1 वर्ष, 2 वर्ष और 3 वर्ष की MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

MCLR अवधि (Tenor)मौजूदा दर (%)12.06.2026 से नई दर (%)
Overnight MCLR7.907.95
One Month MCLR7.958.00
Three Month MCLR8.208.25
Six Month MCLR8.558.60
One Year MCLR8.758.75
Two Year MCLR9.009.00
Three Year MCLR9.059.05

Bank of Baroda ने भी बढ़ाईं दरें

Bank of Baroda ने भी अपनी कई MCLR अवधियों में 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। बैंक की ओवरनाइट MCLR 7.80% से बढ़कर 7.85% हो गई है। 1 महीने की MCLR 7.90% से 7.95%, 3 महीने की MCLR 8.15% से 8.20%, 6 महीने की MCLR 8.45% से 8.50% और 1 वर्ष की MCLR 8.70% से बढ़कर 8.75% कर दी गई है।

MCLR अवधि (Tenor)मौजूदा MCLR (%)12 जून 2026 से नई MCLR (%)
Overnight7.807.85
One Month7.907.95
Three Month8.158.20
Six Month8.458.50
One Year8.708.75

किन लोगों पर पड़ेगा असर?

इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनके लोन MCLR से जुड़े हुए हैं। खासकर होम लोन, ऑटो लोन और कुछ पर्सनल लोन MCLR को बेंचमार्क मानते हैं। हालांकि EMI तुरंत नहीं बढ़ती। आमतौर पर बैंक लोन के रीसेट डेट (Reset Date) पर नई ब्याज दर लागू करते हैं। यानी जब आपके लोन की अगली रीसेट तारीख आएगी, तब EMI या लोन अवधि में बदलाव देखने को मिल सकता है।

उधारकर्ताओं को क्या करना चाहिए

अघर आपका लोन MCLR आधारित है, तो सबसे पहले यह जांचें कि आपकी रीसेट डेट कब है। इसके अलावा यह भी समझना जरूरी है कि आपका लोन MCLR से जुड़ा है या Repo Linked Lending Rate (RLLR) से जुड़ा है। अगर ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी होती है तो बेहतर विकल्पों की तुलना करना या बैंक से ब्याज दर की समीक्षा करवाना भी फायदेमंद हो सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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