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HDFC ग्राहकों को लगा झटका! इन लोगों के लिए बढ़ गई Loan की EMI

HDFC Bank ने अलग-अलग अवधि के लिए MCLR में बढ़ोतरी कर दी है। जो कि 8 जून 2026 से लागू हो गई हैं।

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HDFC Bank (Photo: iStock)

अगर आपका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन HDFC Bank से जुड़ा हुआ है और उसकी ब्याज दर MCLR (Marginal Cost of Funds-based Lending Rate) से लिंक है तो जानकारी आपके लिए और भी जरूरी हो जाती है। अब आपकी EMI बढ़ सकती है। दरअसल, HDFC Bank ने एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की है। नई दरें 8 जून 2026 से लागू हो गई हैं।

यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। इसके बावजूद, HDFC Bank ने अलग-अलग अवधि के लिए MCLR में बढ़ोतरी कर दी है।

MCLR क्या होता है

दरअसल, MCLR बैंकों के लिए एक इंटरनल रेफरेंस रेट होता है। यह बैंकों को अलग-अलग तरह के लोन पर मिनिमम इंटरेस्ट रेट तय करने में मदद करता है। HDFC Bank की MCLR अब लोन की अवधि के आधार पर 8.05 प्रतिशत से 8.65 प्रतिशत के बीच है। इससे पहले बैंक की MCLR 8.05 प्रतिशत से 8.60 प्रतिशत के दायरे में थी।

किस अवधि के लिए कितना हुआ MCLR

HDFC Bank ने अधिकांश अवधि की MCLR में वृद्धि की है। ओवरनाइट MCLR 8.05 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.10 प्रतिशत कर दिया गया है। 3 महीने की MCLR 8.15 प्रतिशत से बढ़कर 8.20 प्रतिशत और 6 महीने की MCLR 8.30 प्रतिशत से बढ़कर 8.35 प्रतिशत हो गई है।

इसके अलावा, 1 वर्ष की MCLR, जो कई रिटेल लोन के लिए बेंचमार्क मानी जाती है, 8.35 प्रतिशत से बढ़कर 8.40 प्रतिशत हो गई है। 2 वर्ष की MCLR में सबसे अधिक 10 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि हुई है और यह 8.45 प्रतिशत से बढ़कर 8.55 प्रतिशत हो गई है। वहीं 3 वर्ष की MCLR 8.60 प्रतिशत से बढ़कर 8.65 प्रतिशत हो गई है। केवल 1 महीने की MCLR को 8.05 प्रतिशत पर बिना बदलाव के स्थिर रखा गया है।

MCLR अवधिपुरानी दरनई दरबदलाव
ओवरनाइट8.05%8.10%+0.05%
1 महीना8.05%8.05%कोई बदलाव नहीं
3 महीने8.15%8.20%+0.05%
6 महीने8.30%8.35%+0.05%
1 वर्ष8.35%8.40%+0.05%
2 वर्ष8.45%8.55%+0.10%
3 वर्ष8.60%8.65%+0.05%

किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर?

यह बदलाव मुख्य रूप से उन ग्राहकों को प्रभावित करेगा, जिनके लोन MCLR आधारित फ्लोटिंग ब्याज दर पर चल रहे हैं। हालांकि EMI में बदलाव तुरंत नहीं होता। अधिकांश मामलों में नई ब्याज दर लोन के अगले रीसेट डेट पर लागू होती है। इसलिए असर ग्राहक के लोन समझौते की शर्तों पर निर्भर करेगा।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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