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बैंक, लॉकर या घर...आखिर कहां रखें इमरजेंसी फंड?

इमरजेंसी फंड वह रकम होती है जिसे आप सिर्फ आकस्मिक परिस्थितियों के लिए अलग रखते हैं। इसे न तो रोजमर्रा के खर्चों में लगाना चाहिए और न ही निवेश के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी आर्थिक संकट की स्थिति में आपको कर्ज लेने या अपनी सेविंग्स तोड़ने की जरूरत न पड़े।

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Emergency Fund

कब कहां कैसे किसे पैसों की जरुरत पड़ जाए ये कोई नहीं जानता। ऐसे में आज के जमाने में कमाई के साथ साथ पैसों को सही जगह लगाना और इमर्जेन्सी के लिए बचाना बहुत हो गया है जो आपकी मुसीबत के समय आपके काम आ सके। ऐसा इसलिए क्योंकि कभी भी कोई अनपेक्षित स्थिति आ सकती है अचानक स्वास्थ्य समस्या, घर की मरम्मत, नौकरी छूटना या कोई बड़ा खर्च। ऐसे समय में सबसे जरूरी होता है इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) यानी ऐसा पैसा जो बिना किसी झंझट या नुकसान के तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। अगर आप भी इमर्जेन्सी फंड जमा करना चाहते हैं तो आइए आपको बताते हैं बैंक, लॉकर या घर आप कहां इमर्जेन्सी फंड रख सकते हैं?

क्या होता है इमरजेंसी फंड?

इमरजेंसी फंड वह रकम होती है जिसे आप सिर्फ आकस्मिक परिस्थितियों के लिए अलग रखते हैं। इसे न तो रोजमर्रा के खर्चों में लगाना चाहिए और न ही निवेश के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी आर्थिक संकट की स्थिति में आपको कर्ज लेने या अपनी सेविंग्स तोड़ने की जरूरत न पड़े।

कहां रखें इमरजेंसी फंड?

इमरजेंसी फंड को तीन हिस्सों में बांटना सबसे बेहतर होता है। पहला तुरंत इस्तेमाल वाला हिस्सा, कुछ समय में इस्तेमाल वाला हिस्सा और थोड़ी देरी से इस्तेमाल वाला हिस्सा। अब जानते हैं कि इन तीनों हिस्सों को कहां रखें?

बचत खाता (Savings Account)

बचत खाता सबसे तेज पहुंच वाला विकल्प है। जरूरत पड़ने पर आप UPI, कार्ड, एटीएम या नेटबैंकिंग के जरिए तुरंत पैसा निकाल सकते हैं। ब्याज दर थोड़ी कम होती है, लेकिन पैसा हमेशा उपलब्ध रहता है और लेन-देन का रिकॉर्ड भी रहता है। आप चाहें तो स्विप-इन सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे अतिरिक्त पैसा अपने आप शॉर्ट-टर्म डिपॉजिट में चला जाता है। यह हिस्सा उन परिस्थितियों के लिए रखें जब आपको 24 से 48 घंटे में तुरंत नकदी की जरूरत हो।

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

अगर आपको पैसा तुरंत नहीं चाहिए, तो छोटे टेन्योर वाली FD (7 दिन से 1 साल तक) एक अच्छा विकल्प है। इसमें गारंटीड रिटर्न मिलता है और ये ₹5 लाख तक DICGC के तहत बीमित होती है। जरूरत पड़ने पर FD तोड़ी जा सकती है, हालांकि इसमें थोड़ी पेनल्टी या कम ब्याज लग सकता है। अपने फंड का कुछ हिस्सा यहां रखना समझदारी है ताकि समय-समय पर पैसा उपलब्ध होता रहे।

पोस्ट ऑफिस योजनाएं (Post Office Schemes)

पोस्ट ऑफिस की योजनाएं सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित रिटर्न देती हैं। यहां से पैसा निकालना आम तौर पर आसान होता है, लेकिन यह 24×7 उपलब्ध नहीं होता। यह विकल्प उन लोगों के लिए सही है जो ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते और दिन में पैसा निकाल सकते हैं।

कितना पैसा रखें?

इमरजेंसी फंड की राशि आपके मासिक खर्च और जिम्मेदारियों पर निर्भर करती है। छोटी जरूरतों के लिए आपको 1 से 2 हफ्ते का खर्च बचत खाते में रखना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा मिल सके। वहीं, बड़ी या लंबी अवधि की आकस्मिक स्थिति के लिए 3 से 6 महीने के खर्च जितनी राशि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या पोस्ट ऑफिस योजनाओं में रखना बेहतर होता है। इससे पैसा सुरक्षित भी रहता है और जरूरत पड़ने पर थोड़ी पेनल्टी के साथ आसानी से निकाला जा सकता है।

इमरजेंसी फंड बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा 24 से 48 घंटे में इस्तेमाल होने वाला पैसा सेविंग अकाउंट या छोटी अवधि वाली FD में रखें ताकि तत्काल जरूरत में दिक्कत न हो। अपने फंड को इस तरह बांटें कि उसका एक हिस्सा तुरंत उपलब्ध हो और दूसरा हिस्सा सुरक्षित निवेश में हो। साथ ही, फंड तय करते समय अपने परिवार की जरूरतों, नौकरी की स्थिरता और आर्थिक जिम्मेदारियों को जरूर ध्यान में रखें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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